फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   debate in ls on zee Jindal issue

लोकसभा में उठा जी संपादकों की कथित उगाही का मामला

Wed, 19 Dec 2012 01:28 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 19 Dec 2012 01:28 AM IST
विज्ञापन
debate in ls on zee Jindal issue

जी न्यूज के संपादकों की ओर से जिंदल समूह से सौ करोड़ रुपये की कथित उगाही मामले की गूंज मंगलवार को लोकसभा में भी सुनाई दी। विभिन्न दलों के सांसदों ने पीत पत्रकारिता पर अंकुश लगाने की पुरजोर मांग की।

विज्ञापन


सांसदों ने मीडिया की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। यह मामला अब बुधवार को होने जा रही अंतर मंत्रालयी समूह की बैठक में उठेगा। केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनीष तिवारी ने कहा कि जी न्यूज मामले में कानूनी कार्रवाई हो रही है। बुधवार को अंतर मंत्रालयी समूह की बैठक है और इसमें इस मामले पर संज्ञान लिया जाएगा।
विज्ञापन


लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कहा कि यदि सदस्य मीडिया की भूमिका पर चर्चा के लिए नोटिस देते हैं तो वे चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। यह मामला सदन में प्रश्नकाल में टेलीविजन कार्यक्रम व विज्ञापन संहिता से संबंधित सवाल के दौरान उठा। हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवेसी ने जी न्यूज उगाही मामले का जिक्र कर पूछा कि क्या सरकार मीडिया से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए स्वतंत्र मीडिया नियामक गठित करने जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर से कांग्रेस सांसद चौधरी लाल सिंह ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के चलते संसद के 10 सदस्यों की सदस्यता खत्म कर दी गई। उनका राजनीतिक जीवन तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि अब जिंदल समूह के स्टिंग आपरेशन के बाद अब संबंधित चैनल (जी न्यूज) का लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जा रहा है।     

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed