आईटी इंजीनियर युवती के हत्यारे को फांसी की सजा
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आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस)में काम करने वाली 23 वर्षीय युवती ईस्टर अनुहया के हत्यारे चंद्रभान सानप को फांसी की सजा सुनाई गई है। मुंबई की विशेष महिला अदालत ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस बताते हुए सानप को मौत की सजा दी है।
कैब चलाने वाले चंद्रभान ने पिछले साल ईस्टर अनुहया के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। अनुहया के रिश्तेदारों ने इस फैसले पर खुशी जताई है।
सानप को सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश वृशाली जोशी ने फांसी की सजा सुनाई। इन्होंने बीते मंगलवार को इस महत्वपूर्ण केस में चंद्रभान सानप को दोषी करार दिया था।
सजा सुनते ही चंद्रभान कोर्ट में फूट-फूट कर रोने लगा। उसे मौत की सजा की उम्मीद नहीं थी। उसने मीडिया से कहा कि उसे उस अपराध के लिए सजा दी गई है, जो उसने किया ही नहीं है।
सानप ने कहा कि इस मामले में उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। बुधवार को सजा पर बहस करते हुए सरकारी वकील राजा ठाकरे ने जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले सानप को फांसी देने की मांग की थी जबकि बचाव पक्ष के वकील प्रकाश सालसिंगेकर ने दलील दी थी कि अनुहया की हत्या के कुछ घंटों बाद सानप एक ज्योतिष के पास गया था।
इससे जाहिर होता है कि उसके मन में अपराध बोध था और वह सुधरना चाहता था। सालसिंगेकर ने कोर्ट से यह भी दरख्वास्त की कि सानप अपने परिवार में अकेला कमाने वाला व्यक्ति है, इसलिए उसे फांसी की सजा न दी जाए। परंतु, कोर्ट ने उनकी दलालों को खारिज कर दिया।
ये है मामला
मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली अनुहया मुंबई के अंधेरी में टीसीएस कंपनी में काम करती थी। क्रिसमस की छुट्टियों के बाद वह विजयवाड़ा से ट्रेन से पांच जनवरी को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन पर पहुंची, लेकिन उसके बाद लापता हो गई। इसके बाद उसकी अधजली लाश सड़ी गली हालत में कांजुरमार्ग की झाड़ियों से बरामद हुई।
पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की तस्वीरों की जांच की, तो अनुहया के साथ सानप नजर आया। काफी तलाश के बाद आखिरकार सानप पुलिस के हाथ लगा। पुलिस के मुताबिक अनुहया तड़के स्टेशन पहुंची।
इसके बाद सानप ने उसे 300 रुपये में होस्टल छोड़ने का वादा किया। वह सानप के साथ स्टेशन से बाहर आई, तो सानप ने टैक्सी खराब होने का बहाना कर उसे मोटरसाइकल पर बैठा लिया और आगे जाकर पेट्रोल भराने के बहाने सानप गाड़ी सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने बलात्कार के बाद दुपट्टे से अनुहया का गला घोंट दिया और सिर पत्थर से कुचल दिया।
अनुहया की हत्या के बाद उसने मोटरसाइकल से पेट्रोल निकालकर उसके शव को आग लगा दी। हत्या के बाद सानप नाशिक भाग गया था, जहां वह अपनी पत्नी के साथ रहता था। कुछ महीने बाद सानप कांजुरमार्ग इलाके में रहने वाले अपने पिता से मिलने आया, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सानप की निशानदेही पर पुलिस ने बाद में अनुहया का बैग और उसमें रखा लैपटाप भी बरामद कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद चंद्रभान 2 मार्च से जेल में है।