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मशहूर साहित्यकार वीरेन डंगवाल का बरेली में निधन

Mon, 28 Sep 2015 01:33 PM IST
Updated Mon, 28 Sep 2015 01:33 PM IST
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death of poet viren dangwal

हिन्दी के जाने माने कवि कवि वीरेन डंगवाल का सोमवार तड़के निधन हो गया। वे पिछले सप्ताह से बरेली के आरएमएस अस्पताल में भर्ती थे जहां आज सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वीरेन डंगवाल 68 वर्ष के थे।

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साहित्यिक जगत में वे वीरेन दा के नाम से मशहूर थे। वीरेन दा की रुचि कविताओं के साथ-साथ कहानियों में भी रही। वे अमर उजाला के पूर्व संपादक थे।

उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल में जन्में वीरेन दा ने पाब्लो नेरुदा, बर्तोल्त ब्रेख्त, वास्को पोपा, मीरोस्लाव होलुब, तदेऊश रोजविच और नाजिम हिकमत की दुर्लभ कविताओं के अनुवाद भी किए हैं।
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चहेते और आदर्श कवि

death of poet viren dangwal

वीरेन दा की कविताओं का अनुवाद बांग्ला, मराठी, पंजाबी, अंग्रेजी, मलयालम और उड़िया में हुआ है। उनका पहला कविता संग्रह 43 वर्ष की उम्र में आया था।

वीरेन दा को इनके दूसरे कविता संकलन 'दुष्चक्र में सृष्टा' के लिए 2004 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था। वीरेन हिन्दी दुनिया की नई पीढ़ी के सबसे चहेते और आदर्श कवि रहे हैं।

वीरेन दा ने बरेली कॉलेज में हिन्दी का अध्यापन कार्य भी किया और शौकिया पत्रकार भी रहे। वो लंबे समय तक अमर उजाला के समूह सलाहकार थे।

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