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शिव मंदिर के चक्कर काटने वाले कुत्ते की हुई मौत

Mon, 11 May 2015 02:58 PM IST
Updated Mon, 11 May 2015 02:58 PM IST
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death of mysterious dog in jhansi

नगर के प्राचीन भैरव मंदिर पर छह दिनों से रुक-रुक कर शिवलिंग की परिक्रमा कर रहे कुत्ते की रविवार दोपहर मौत हो गई। रविवार दोपहर उसकी हालत बिगड़ने पर मंदिर में मौजूद लोगों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर उसका उपचार कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

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भैरव बाबा के मंदिर में मंगलवार दोपहर एक बजे से एक काला कुत्ता शिवलिंग की परिक्रमा करने लगा था। बृहस्पतिवार को परिक्रमा करते-करते कुत्ता पस्त होकर मंदिर में ही लेट गया था।
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दिनभर वह मंदिर में ही लेटा रहा। इसके बाद वह थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रोज परिक्रमा कर रहा था। परिक्रमा करने व भोजन न करने के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई। रविवार को वह सुबह से ही मंदिर में बेसुध लेटा रहा।
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उसे बेसुध देख मंदिर के महंत अटलानंद महाराज ने पशु चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया। उपचार के दौरान परिक्रमार्थी कुत्ते की मौत हो गई। कुत्ते की मौत के बाद मंदिर के महंत व अन्य श्रद्धालुओं ने उसका अंतिम संस्कार कराया।

गौरतलब है कि झांसी में मऊरानीपुर के मुहल्ला कुरैचा नाका में भैरव मंदिर में कौतूहल का विषय बन गया कुत्ता बृहस्पतिवार पुर्वाह्न थक कर पस्त हो गया था। कुत्ते ने 45 घंटे से अधिक समय तक मंदिर में शिवलिंग की परिक्रमा की थी।

बृहस्पतिवार रात उसने फिर परिक्रमा शुरू की, लेकिन थकान के कारण गिर गया और मंदिर में ही लेट गया था। भैरव बाबा के मंदिर में मंगलवार दोपहर एक बजे से कुत्ता लगातार शिवलिंग की परिक्रमा कर रहा था।

मंदिर के महंत अटलानंद महाराज ने बताया कि उसके लिए पानी और दूध रखा गया था, जिसे वह पीता जा रहा था और परिक्रमा कर रहा था। कुत्ता परिक्रमा करते-करते शिवजी के आगे शीश भी झुका रहा था।

कुत्ता पस्त होकर मंदिर में ही लेट गया

death of mysterious dog in jhansi

कुत्ते द्वारा भगवान शिव की परिक्रमा लगाने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई थी और इसे देखने के लिए लोग मंदिर में जमा हो गए थे। गुरुवार को परिक्रमा करते-करते कुत्ता पस्त होकर मंदिर में ही लेट गया।

दिन भर वह मंदिर में ही लेटा रहा। मंदिर में आए श्रद्धालु परिक्रमा करने वाले कुत्ते की सेवा करते देखे गए। कोई उसके शरीर पर हाथ फेरते हुए उसे सहला रहा था, तो कुछ लोग उसके पैर भी दबा रहे थे।

बृहस्पतिवार रात कुत्ता एक बार फिर उठा और परिक्रमा शुरू की, लेकिन वह पैर फिसलने के कारण वह गिर गया और फिर से बैठ गया।

कुत्ते द्वारा लगाई जा रही परिक्रमा को लेकर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक रोग नियंत्रण डा. पीके त्रिपाठी ने बताया था कि गर्मियों के दिनों में कुत्तों के दिमाग में समस्या आ जाती है। परिक्रमा लगाने वाले कुत्ते को भी मानसिक बीमारी हो गई होगी, इस कारण वह एक धुन हो चक्कर लगा रहा होगा।

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