फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   deal between bjp and congress about gst bill

सुषमा-वसुंधरा पर कांग्रेस-बीजेपी में डील, दोनों का इनकार

Wed, 01 Jul 2015 12:20 PM IST
Updated Wed, 01 Jul 2015 12:20 PM IST
विज्ञापन
deal between bjp and congress about gst bill

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर चौतरफा घिरी भाजपा के सामने अब 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में अहम बिलों को पास कराने की बड़ी चुनौती है।

विज्ञापन


इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से खबर है कि अप्रैल 2016 में केंद्र की ओर से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के सामने एक शर्त रखी है।
विज्ञापन


इस शर्त के बदले कांग्रेस ने मानसून सत्र में राज्यसभा में जीएसटी बिल पास कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि मामला सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने ऐसी किसी भी शर्त या डील की बात से इंकार किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर क्या है वो शर्त?

deal between bjp and congress about gst bill

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने भाजपा के सामने शर्त रखी है कि अगर वह ललित मोदी की मदद करने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री को उनके पद से हटाए तो बदले में कांग्रेस राज्यसभा में जीएसटी बिल का समर्थन करेगी। इस खबर के आने के बाद जब भाजपा और नेताओं से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी भी शर्त से इंकार किया।

भाजपा सूत्रों ने कहा कि आगामी मानसून सत्र के लिए कांग्रेस से किसी भी डील का कोई सवाल ही नहीं उठता है। फिर चाहे वो जीएसटी बिल हो या भूमि अधिग्रहण बिल, हम हर मुद्दे पर संसद में बहस के लिए तैयार हैं।

वहीं कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा कि भाजपा के सामने शर्त रखने की यह रिपोर्ट बिल्कुल तथ्यहीन है। हम संसद मे सरकार के साथ किसी भी मुद्दे पर कोई भी डील करने में विश्वास नहीं रखते।

जीएसटी बिल में पांच बदलाव के लिए दबाव डालेगी कांग्रेस

deal between bjp and congress about gst bill

कांग्रेस ने अप्रैल 2016 में केंद्र की ओर से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल में पांच बदलाव करने के लिए दबाव बनाने का निर्णय किया है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी तंबाकू और बिजली को जीएसटी में शामिल करवाना चाहती है, जिन्हें अभी तक छूट मिली हुई है। पार्टी वस्तुओं का उत्पादन करने वाले राज्यों की क्षतिपूर्ति के लिए जीएसटी के अतिरिक्त एक प्रतिशत टैक्स को भी हटवाना चाहती है।

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि यदि यह प्रावधान लागू होता है तो अन्य राज्यों की तुलना में सिर्फ गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु को अधिक  फायदा मिलेगा। पार्टी चाहती है कि बिल में निश्चित क्षतिपूर्ति फार्मूले का जिक्र होना चाहिए। कांग्रेस ने यूपीए सरकार की ओर से पेश किए गए बिल में मौजूद विवाद के निबटारे के प्रावधान को फिर से बहाल करने का दबाव बनाएगी। पार्टी चाहती है कि एक्ट में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से अधिक न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed