यूपी: गंगा में मिले 104 शव, मचा हड़कंप
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यूपी में उन्नाव जिले के परियर गांव स्थित गंगा घाट पर मंगलवार को अचानक 104 शव मिलने से सनसनी फैल गई। आसपास के गांवों के लोग इकट्ठा हो गए। शवों के उतराए होने की जानकारी मिलते ही कानपुर आईजी समेत कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बदबू के चलते अफसर और फोरेंसिक एक्सपर्ट ज्यादा देर तक वहां खड़े नहीं रह सके।
पुलिस का कहना है कि शव महिला और पुरुषों दोनों के हैं। पुलिस एवं प्रशासन ने आनन-फानन में जेसीबी बुलवाकर शवों को दोबारा दफन करवाना शुरू किया। देर रात समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजयेपी ने दफनाने का कार्य रोकवा दिया। उन्होंने कहा कि पहले पोस्टमार्टम कराया जाए और फिर शासन से मिलने वाले पैसे से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाए।
परियर घाट के आसपास अंतिम संस्कार किया जाता है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने नालों और टेनरियों का गंदा पानी गंगा में जाने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में गंगा का जलस्तर कम हो गया। मंगलवार सुबह परियर घाट के पास बने नाले के आसपास कुछ शव उतराए हुए मिले। इसकी जानकारी मिलते ही सनसनी फैल गई।
पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप
बात आसपास के गांवों तक पहुंची तो लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान लोगों ने देखा कि दर्जनों शव उतराए हुए हैं और उनसे दुर्गंध उठ रही है। एक ग्रामीण ने भारी संख्या में शव के उतराए होने की जानकारी जिला प्रशासन को दी। तत्काल एसडीएम को मौके पर रवाना करने के साथ ही मामले की जानकारी लखनऊ बैठे अफसरों को दी गई। यह सूचना राजधानी लखनऊ पहुंची तो पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। गृह विभाग और डीजीपी दफ्तर से कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से पूरे मामले की जानकारी मांगी गई।
कानपुर जोन के आईजी आशुतोष पांडेय, एसपी उन्नाव और लखनऊ के पुलिस और प्रशासनिक अफसर लाव-लश्कर के साथ परियर घाट पहुंच गए। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच पड़ताल कर नमूने लिए। शवों से बदबू उठने की वजह से अफसर वहां ज्यादा देर तक नहीं रूक सके। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि यहां शव विसर्जित किए जाते हैं। जलस्तर कम होने की वजह से विसर्जित शव ही दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बाद जेसीबी बुलाई गई और शवों को नदी तट पर ही गड्ढा खोदकर दफन का कार्य शुरू किया गया। प्रशासन ने माना कि शव की संख्या बढ़ सकती है। देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दफन कार्य रोकवा दिया।
मांग की कि पहले सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाए और फिर शासन से जारी होने वाले पैसे से विधि विधान पूर्वक अंतिम संस्कार कराए जाए। इस बीच मौके पर भारी संख्या में भाजपाई जुट गए। प्रदेश अध्यक्ष वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने साध्वी उमा भारती को पूरे मामले की जानकारी दी है। संभव है कि वह बुधवार को मौके पर पहुंचेगी। प्रशासन की ओर से गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कराए जाने की प्रक्रिय का भाजपा विरोध करेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आईजी जोन कानपुर आशुतोष पांडेय का कहना है कि परियर घाट के पास गंगा से लगे नाले में शव मिले हैं। कुछ शव सूखे स्थान पर भी मिले हैं। इनमें कुछ अधजले शव भी हैं। जांच में पता चला कि आकस्मिक और स्वाभिक मौत का शिकार हुए लोगों के परिजनों ने शवों को नदी में प्रवाहित किया है। पानी कम होने की वजह से वह उतरा गए हैं। जांच पड़ताल के बाद उन्हें गड्ढा खुदवाकर दफन करा दिया गया है।
104 शव मिले हैं
उन्नाव के एडीएम शिवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल कर ली गई है। नदी में कुल 104 शव मिले हैं। अभी और शव मिलने की संभावना है। इन शवों को विभिन्न गांवों के लोगों ने नदी में प्रवाहित किया था। पानी कम होने की वजह से वे ऊपर दिखाई पड़ रहे थे। सभी शवों को दफन कराया जा रहा है।
11 को रोका गया था पानी
मकर संक्रांति के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन की ओर से नालों और टेनरियों का गंदा पानी 11 जनवरी से रोक दिया गया है। इससे गंगा के जलस्तर में गिरावट हुई है। जलस्तर गिरने के साथ ही गंगा से जुड़े नालों का पानी कम हो गया है। ऐसे में इन नालों में पड़े शव व अन्य चीजें साफ दिखाई पड़ने लगी है। गंगा से जुड़े इन नालों में पानी अधिक होने पर आसपास के ग्रामीण मुख्य धारा के बजाय इन नालों के पास ही शव का विसर्जन कर देते हैं।