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किस्सागोई का दिन- कुछ तुम कहो, कुछ हम सुनें
रमण कुमार सिंह
Updated Wed, 20 Mar 2013 08:29 AM IST
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हर साल 20 मार्च को दुनिया भर में विश्व किस्सागोई दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोग विभिन्न भाषाओं में अपनी कहानियां एक-दूसरे को सुनाते हैं। इस दिन को मनाने के लिए मैट्स रेह्नमान ने एक लोगो भी तैयार किया है।
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क्या है किस्सागोई
किस्सागोई दरअसल कहानी सुनाने की एक दिलचस्प कला है। हम सबने अपने बचपन में बड़े-बुजुर्गों से सैकड़ों कहानियां सुनी हैं।
हमारे देश में किस्सागोई की एक समृद्ध परंपरा रही है। घरों में आज भी बच्चों को पंचतंत्र, हितोपदेश, उपनिषदों के साथ-साथ धार्मिक-एतिहासिक एवं वीरगाथात्मक कहानियां सुनाई जाती हैं।
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करियर की संभावनाएं
किस्सागोई अब एक करियर के रूप में भी उभर रहा है और पेशेवर किस्सागो को विभिन्न स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में कहानियां सुनाने के लिए बुलाया जाता है।
हमारे देश में कई संगठन एवं व्यक्ति पेशेवर ढंग से किस्सागोई करते हैं। निनाद, कथा, वंदे, प्रथम जैसी कई संस्थाएं किस्सागोई का कार्यक्रम आयोजित करती हैं।
कब हुई शुरुआत
यों तो किस्सागोई का प्रचलन सभ्यता की शुरुआत से ही है, लेकिन इसे उत्सव के रूप में मनाने की शुरुआत स्वीडन में 1991-92 में हुई, जब वहां 20 मार्च को राष्ट्रीय किस्सागोई दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
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हालांकि स्वीडन का राष्ट्रीय कहानी नेटवर्क कुछ समय बाद खत्म हो गया, लेकिन किस्सागोई का यह दिन लोगों के मानस में जिंदा रहा और देश भर में कई उत्साही लोगों द्वारा एक-दूसरे को कहानियां सुनाने का सिलसिला जारी रहा।
दुनिया भर में प्रसार
धीरे-धीरे किस्सागोई दिवस मनाने का यह सिलसिला सरहदों की सीमाओं को पार कर गया। 1997 में तो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में किस्सागोई का पांच दिवसीय उत्सव मनाया गया।
मैक्सिको एवं अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों में भी 20 मार्च को राष्ट्रीय किस्सागोई दिवस मनाया जाने लगा। स्कैंडिनेविया में 2001 के आसपास किस्सागोई के लिए एक वेबसाइट शुरू हुआ और 2002 में इस दिन को मनाने का प्रचलन स्वीडन से नार्वे, डेनमार्क, फिनलैंड एवं इस्टोनिया तक फैल गया।
2003 में तो कनाडा एवं कुछ अन्य देशों में भी इसे मनाया जाने लगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मिली। 2004 से इसमें फ्रांस भी शरीक हो गया। 2005 में पांच महादेशों के 25 देशों में यह दिवस आयोजित किया गया।
2009 से यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका,दक्षिणी अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया, सभी महादेशों में यह दिवस मनाया जाने लगा।
कैसे मनाएं
हर वर्ष इस दिन के लिए एक थीम निर्धारित किया जाता है और उसी थीम के आधार पर लोग किस्सा सुनते-सुनाते हैं। इस वर्ष का थीम है-भाग्य और किस्मत।
वर्ल्ड स्टोरीटेलिंग डे के लिए इंटरनेट पर वेबसाइट भी है, जिससे संपर्क कर आप अपनी कहानी दुनिया भर के लोगों को बता सकते हैं। तो आइए, आप भी शुरू हो जाइए और अपनी कहानी आसपास के लोगों के साथ बांटिए।