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'लौटना चाहता था दाऊद, आडवाणी ने किया गेम'

Sat, 04 Jul 2015 03:59 PM IST
Updated Sat, 04 Jul 2015 03:59 PM IST
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Dawood wanted to come back, but Adwani would'nt

दाऊद इब्राहिम और उसका भरोसेमंद गुर्गा छोटा शकील अब भारत वापस नहीं आना चाहते। शकील के मुताबिक, भारत सरकार ने 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के बाद उनके भारत लौटने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था, लेकिन अब वे (दाऊद) खुद भारत नहीं आना चाहते।

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टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ फोन पर हुए एक साक्षात्कार में छोटा शकील ने बताया, 'जब हम 1993 के बाद वापस आना चाहते थे तो तुम लोगों ने और तुम्हारी सरकार ने अनुमति नहीं दी। भाई ने खुद राम जेठमलानी से बात की थी, बात हो भी गई थी... लेकिन तुम्हारे मंत्रालय... उस आडवाणी ने गेम खेल दिया।'
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वहीं इस मुद्दे पर जब राम जेठमलानी की एएनआई से बात हुई तो उन्होंने बताया, 'दाऊद से मेरी बात हुई थी। उसने कहा 1993 में मैंने मुंबई में बम धमाके करवाए, यह बात झूठी है। मैं वापस आऊंगा लेकिन मुझ पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाए।'

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एजेंसियां पका रही हैं खयाली पुलाव

Dawood wanted to come back, but Adwani would'nt

शकील ने इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी बात की जिसमें हाल ही में छोटा राजन के खिलाफ की गई साजिश और आईपीएल से जुड़े मैच फिक्सिंग के मामले अहम थे।

इतना ही नहीं उसने भारत में व्यापार करने की भी अपनी इच्छा जाहिर की है। जब यह सवाल किया गया कि खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक क्या 16 सितम्बर की रात को दाऊद को मारने के इरादे से उसकी गाड़ी को टक्कर मारी गई थी, इस पर शकील उत्तेजित हो गया। उसने कहा, 'सवाल वो करो जिसका जवाब मैं दूं आपको, वो ना करो जिसका जवाब नहीं दूं।

आजतक जितनी भी ऐसी खबरें आई हैं... एजेंसियां भी जानती है, खयाली पुलाव है। सपने देखते हैं, इनका सपना कभी पुरा नहीं होगा।'

देशभक्त है तो बॉर्डर पर भेजो

Dawood wanted to come back, but Adwani would'nt

शकील ने भारतीय एजेंसियों पर आपराधिक गिरोहों से भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने कभी छोटा राजन जैसे अपराधियों को वापस लाने की बात नहीं कही।

उसने पूछा, 'जब एजेंसियों ने मुझे राजन के खिलाफ षणयंत्र रचते सुना और उन्हें पता है कि वह कहां है, तो फिर उन्होंने अबतक उसे क्यों नहीं पकड़ा। क्या उसने लोगों को नहीं मारा है? क्या वह अपराधी नहीं है?'

शकील ने राजन की हिंदू डॉन की छवि पर पूछे गए एक सवाल नाराजगी जताते हुए कहा, 'यह मीडिया का काम है। अगर वह देशभक्त है तो उसे आर्मी में ले लो न... बॉर्डर पर भेजो न! मुल्क के लिए काम करेगा। हिंदू डॉन का कॉन्सेप्ट मीडिया के लोगों का है। उसने पैसों के लिए कई हिंदूओं का कत्ल किया है।'

हम मासूम लोगों को नहीं मारते

Dawood wanted to come back, but Adwani would'nt
उसने अपनी सफाई में कहा, 'हमने पिछले 5-6 साल से मुंबई में किसी की हत्या नहीं की। मैं मासूम लोगों को नहीं मारना चाहता। वह (राजन) यूपी से शूटरों को लाता है और हमारे नाम पर कत्ल करवाता है। मैं अपना व्यापार शुरु करना चाहता हूं। मैंने पैसा लगाया है और उसे वापस लाना है।'

शकील ने अपना यह इंटरव्यू फोन के माध्म से कराची से दिया था। उस एक ओर जहां कई अहम मुद्दों पर खुलासे किए वहीं दूसरी ओर सरकार के कामकाज के तरीकों पर भी सवालिया निशान लगाए।
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