इशरत:भाजपा ने की कांग्रेस से माफी की मांग
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आतंकी हेडली के जरिए इशरत जहां को लश्कर का हमलावर करार दिए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर सियासी हमले तेज कर दिए हैं। पार्टी को लग रहा है कि इशरत जहां का मामला हो या जेएनयू विश्वविद्यालय में राष्ट्र विरोधी नारे का, लंबे अरसे बाद भाजपा को उसके फायदे के मुद्दे हाथ लगे हैं जिनके सहारे वह विपक्ष खासतौर से कांग्रेस को बैकफूट पर धकेल सकती है।
इसीलिए पार्टी ने हमले की सिलसिलेवार रणनीति बनाई है। जेएनयू मामले को लेकर हमले की कमान जहां संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के हाथ रही। तो इशरत जहां मामले को लेकर सरकार के शीर्ष मंत्रियों ने कांग्रेस और वाम दलों पर प्रहार करते हुए उनसे माफी की मांग की है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इशरत जहां मामले में पीएम मोदी को बेवजह लपेटे जाने के मामले को लेकर कांग्रेस और वाम दलों से माफी की मांग की है। तो निर्मला सीतारमन ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने और गुजरात की तत्कालीन सरकार के खिलाफ राजनीतिक षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
हेडली के मुताबिक इशरत आत्मघाती हमलावर थी
सीतारमन ने कहा कि इशरत जहां के मामले में गुजरात पुलिस ने खुफिया ब्यूरो
से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की थी लेकिन कांग्रेस की अगुवाई वाली
केंद्र सरकार ने अपने राजनीतिक फायदे के लिये इसका राजनीतिकरण किया। दरअसल
इशरत जहां और उसके साथी जून 2004 में अहमदाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे
गये थे।
पीएम मोदी उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मामले को लेकर
कांग्रेस और वाम दलों ने मोदी के खिलाफ देशभर में हंगामा काटा था।
मगर अब
मुंबई हमलों से जुड़े आतंकवादी रिचर्ड कौलमेन हेडली ने अपनी गवाही में कहा
है कि इशरत आत्मघाती हमलावर थी। उसके बाद से भाजपा को अपने सियासी
विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देने का सुनहरा मौका हाथ लगा है। अब सरकार से
लेकर पार्टी के शीर्ष नेता विपक्ष के खिलाफ हमलावर हैं।