सेक्स वर्कर की बेटी को मिला पासपोर्ट
सेक्स वर्कर की 19 वर्षीय बेटी कविता होस्मानी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बहुत भागदौड़ की, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। कल तक जो लड़की सिर्फ परेशानियों का सामना कर रही थी, आज वह पासपोर्ट मिलने की खुशी मना रही है।
जब एक अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कविता को पासपोर्ट न मिलने की खबर छापी तो फिर विदेश मंत्रालय ने इस मामले में दखल दिया। इसके कुछ ही समय बाद पुलिस और स्थानीय पासपोर्ट के अधिकारियों ने भी इस मामले में रुचि लेनी शुरू कर दी।
विदेश मंत्रालय के दखल के बाद महज 28 घंटों में ही कविता को पासपोर्ट मिल गया। कविता को वर्जीनिया यूनिवर्सिटी ने 'सेमेस्टर एट सी' प्रोग्राम के लिए चुना है, जो उनकी ग्लोबल स्टडी टूर का ही एक हिस्सा है। यह प्रोग्राम 7 जनवरी से शुरू हो रहा है। कविता मुंबई के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया कामाथिपुरा की रहने वाली हैं।
(साभार- द इंडियन एक्सप्रेस)
पुलिस का भी बदला रवैया
कविता लगभग एक साल पहले एक एनजीओ क्रान्ति से जुड़ी थी। एनजीओ के रॉबिन चौरसिया ने कहा कि अब न केवल पासपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों का व्यवहार बदल गया है, बल्कि उन पुलिस वालों का रवैया भी बदल गया है, जो वैरिफिकेशन के लिए पुलिस स्टेशन जाने पर गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे थे।
कविता ने अपनी खुशी जताते हुए कहा कि यह किसी सपने के सच होने जैसा है। इस पूरे टूर में मोरक्को, नैंबिया, बर्मा, वियतनाम, जापान और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं।
कविता ने इसे अपनी जिन्दगी की एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। कविता 'सेमेस्टर एट सी' प्रोग्राम के लिए चुनी जाने वाली अकेली भारतीय हैं, जो करीब तीन महीनों तक चलता है।