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होमवर्क नहीं किया तो बाप ने बेटी को मार डाला

Sat, 27 Jul 2013 12:50 PM IST
Updated Sat, 27 Jul 2013 12:50 PM IST
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daughter did not complete homework, father killed her

बेंगलुरू में एक बाप ने अपनी ही आठ साल की बेटी को होमवर्क के कुछ सवाल न बताने पर बेलन से पीट-पीटकर मारा डाला।

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पुलिस ने बताया कि मैसूर रोड पर अवलाहली में रहने वाले 43 साल के सत्यनारायण सिंह ने गुरुवार रात दूसरी क्लास में पढ़ने वाली बेटी की हत्या कर दी।

पुलिस ने सत्यनारायण और उसकी मां पदमा बाई को गिरफ्तार कर लिया है। पदमा पर लड़की को मारने के लिए उकसाने का संदेह है।

नेहा, सत्यनारायण की पहली पत्नी आशा सिंह की बेटी है। आशा सिंह ने साल 2006 में ही आत्महत्या कर ली थी। तब सत्यनारयण पर उसके ससुर ने दहेज उत्पीड़न और पत्नी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।

उसके बाद सत्यनारायण ने दूसरी शादी कर ली और उनकी दो साल की बच्ची भी है।

टीवी देख रहा था परिवार
पुलिस के मुताबिक एसजीएस स्कूल में पढ़ने वाली नेहा गुरुवार रात घर में पढ़ रही थी। तब सत्यनारायण उसके पास आया और उससे कुछ सवाल पूछे। सवालों का जवाब न देने पर सत्यनारायण ने उस पर गुस्सा किया और मारा।
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बाद में नेहा को छोड़ पूरा परिवार बाहर चला गया। जब वे लोग घर आए तो सत्यनारायण ने देखा कि नेहा सो रही है। उसने नेहा को जगाया और उससे फिर से सवाल पूछे लेकिन वह जवाब नहीं दे पाई। इससे सत्यनारायण गुस्से से आगबबूला हो गया और एक कमरे में ले जाकर नेहा की बेलन से पिटाई शुरू कर दी। लड़की की वहीं पर मौत हो गई।
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जब पड़ोसियों को इस बात का पता चला तो सत्यनारायण ने झूठ बोला की नेहा बाहर दुकान पर गई थी और तब किसी ने उसे मारा है। सत्यनारायण पर शक होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुला लिया।

पुलिस का कहना है कि सत्यनारायण की आपराधिक पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें उस पर शक हुआ। उन्हें बच्ची की जानबूझकर हत्या किए जाने का भी शक है। पुलिस ने बताया कि जब घटना हुई तब पूरा परिवार टीवी देख रहा था।


छह महीने रहा जेल में
सत्यनारायण की पहली पत्नी आशा सिंह ने नेहा के जन्म के कुछ समय बाद ही आत्महत्या कर ली थी। तब आशा के पिता रघुनाथ सिंह ने सत्यनारायण पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस काराण सत्यनारायण को छह महीने के लिए न्यायायिक हिरासत में रहा पड़ा था।

जेल से छूटने के बाद वह दादा-दादी को धमकाकार नेहा को उनके पास से ले गया।

बदला लेना चाहता था
पड़ोसियों के मुताबिक सत्यनारायण चिड़चिड़ा था वह नेहा से नफरत करता था। वह दो महीने पहले ही नेहा को शिमोगा से उसके दादा-दादी के पास से लेकर आया था।

आरोपी के एक रिश्तेदार के अनुसार सत्यनारायण और उसकी मां नेहा से जेल जाने का बदला लेना चाहते थे। इसलिए वह नेहा को उत्पीड़ित करता था।

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