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'लव के साथ जेहाद जोड़ना नफरत फैलाने की साजिश'

Mon, 01 Sep 2014 11:50 PM IST
Updated Mon, 01 Sep 2014 11:50 PM IST
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darul ulum on love jehad issue.

देशभर में छिड़ी बहस के बीच मुसलमानों की आस्था के केंद्र दारुल उलूम ने 'लव जेहाद' को गलत बताया। दारुल उलूम के उलेमा ने लव के साथ जेहाद शब्द जोड़ने को नफरत फैलाने की साजिश करार दिया।

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उनका कहना है कि इन लफ्जों से हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है। इस्लाम में किसी भी तरह के धोखे की गुंजाइश नहीं है।

इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि जो कुछ हो रहा है वह गलत है। किसी भी मजहब में इस तरह का मामला हो तो उसे ठीक नहीं कहा जा सकता।
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'टीवी सीरियल हैं इसके लिए जिम्मेदार'

darul ulum on love jehad issue.

दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने लव जेहाद के मुद्दे पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा कि जेहाद इस्लाम में पवित्र लफ्ज है। जेहाद का मतलब बुराई को खत्म कर अच्छाई फैलाना है। हजरत मोहम्मद साहब ने कहा है कि इंसान अपने आपको बुराइयों से बचाने की कोशिश करे यह सबसे बड़ा जेहाद है। लव के साथ जेहाद शब्द को जोड़ना इसकी पवित्रता को भंग करना और हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत पैदा करने की साजिश है।

मुफ्ती आरिफ ने कहा, "आजकल लड़के-लड़कियों के बीच प्यार मोहब्बत के जो मामले बढ़ रहे हैं इसमें धर्म का लिहाज नहीं किया जा रहा है। इसके लिए न इस्लाम जिम्मेदार है और न ही कोई मुस्लिम संगठन। फिल्में और टीवी सीरियलों में जो कुछ दिखाया जा रहा है वही इसके असल जिम्मेदार हैं। इस पर पाबंदी लगाना जरूरी है।"

'जो हो रहा है वह सरासर गलत'

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मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि लव जेहाद के नाम पर जो प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है वह आरएसएस की साजिश है, जिसकी कोई हैसियत नहीं है। कुरान में जबरन धर्मपरिवर्तन से मना किया गया है। अपने किसी दुनियावी फायदे के लिए इस तरह की हरकत करना घोर निंदनीय है।

मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा, "साजिश के तहत जेहाद लफ्ज लाया गया है, ताकि हिंदू मुस्लिमों के बीच नफरत पैदा की जा सके।"

उन्होंने कहा कि कुछ अभिनेताओं-अभिनेत्रियों ने महज शादी के लिए इस्लाम धर्म कबूल किया था। जो सीधे-सीधे धोखा है इस्लाम में इस तरह के धोखे की कोई गुंजाइश नहीं है।

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