किसी मस्जिद को नुकसान पहुंचा तो गंभीर परिणाम होंगे: दारुल उलूम
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यूपी में सहारनपुर के देवबंद में दारुल उलूम ने उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी (उपसा) एवं निर्माण कंपनी एपको के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी मस्जिद को कोई नुकसान पहुंचाया जाता है तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
प्रदेश सरकार के फोरलेन एवं फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार दारुल उलूम ने इस तरह का कड़ा रुख दिखाया है। जिससे भविष्य में प्रोजेक्ट को पूरा करने में उप्र स्टेट हाईवे अथॉरिटी और निर्माण कंपनी एपको को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
संस्था के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने रोष जताते हुए कहा कि उपसा एवं एपको के अधिकारी दारुल उलूम का नाम लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं।
दारुल उलूम का नाम लेकर गलत प्रचार
सहारनपुर मुजफ्फरनगर हाईवे को फोरलेन करने तथा फ्लाईओवर बनाने को लेकर संस्था ने अधिकारियों को सहयोग करने का आश्वासन दिया था, जबकि धार्मिक स्थलों को हटाए जाने के संबंध में कोई वार्ता नहीं हुई। बावजूद इसके अधिकारी लगातार दारुल उलूम का नाम लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं। जो सरासर गलत और निंदनीय है।
मौलाना मद्रासी ने दो टूक कहा कि निर्माण के बीच आने वाली किसी भी मस्जिद को नुकसान पहुंचाने की दारुल उलूम इजाजत नहीं देता और यदि दोनों कंपनियों के अधिकारी इस मामले में मनमानी करते हैं तो दारुल उलूम अदालत के माध्यम से इसकी लड़ाई लड़ेगा और इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर मस्जिद बनी है उसे वहां से हटाया नहीं जा सकता।