IS कैंप से वापस लौटे युवक ने खोले कई राज!
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाक प्रायोजित आतंकवादी संगठन देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत हर चुनौती के लिए तैयार है।
गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसक घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा, ‘आतंकी संगठन अब स्थानीय युवाओं को बरगलाने में सफल नहीं हो रहे हैं। मगर पाकिस्तान लगातार इस तरह के संगठनों का समर्थन कर रहा है। कश्मीर में किसी ने भी इतनी ज्यादा वोटिंग की उम्मीद नहीं की थी। मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि लोगों में डर अब काफी कम हो गया है। साफ है कि लोग बरगलाने की कोशिश को नाकाम करने की कोशिश में लगे हैं।’
गृहमंत्री गुवाहाटी में शनिवार को राज्यों के पुलिस और खुफिया प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। राजनाथ ने इस दौरान अल कायदा समेत तमाम आतंकी संगठनों की गतिविधियों और चुनौतियों का जिक्र किया।
गृहमंत्री ने कहा कि अल कायदा की भारत को इस्लामिक राज्य बनाने की धमकी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। भारत ऐसे किसी संगठन को पैर नहीं जमाने देगा। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन समझते हैं भारत में मुसलमानों की संख्या काफी है और इन्हें बरगलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल किया जा सकता है। मगर भारतीय मुसलमान देशभक्त हैं, वे आतंकियों के मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे।
गृहमंत्री ने पाकिस्तान की नौसेना पर भी साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि वह आतंकी संगठनों के साथ भारतीय नौसेना के जहाजों को अपहृत करने की योजना में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार उत्तर पूर्व राज्यों के विकास के लिए दृढ़ संकल्प है। बर्दवान घटना पर उन्होंने कहा कि धमाकों में बाहरी ताकतों के शामिल होने की जांच जारी है। दो दिवसीय बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को संबोधित करेंगे।
सीरिया व इराक से लौटे युवक नई चुनौती: आईबी चीफ
लश्कर ए ताइबा, जैश ए मोहम्मद और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के बीच सीरिया और इराक से लौटे युवक देश के लिए नई चुनौती बनकर उभर रहे हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक आसिफ इब्राहिम ने स्वीकार किया है कि ये ताकतें भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस संबंध में चिंता जताते हुए माना है कि कुछ गुमराह भारतीय युवक आतंकी संगठन आईएस की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
गुवाहाटी में राज्यों के डीजीपी और खुफिया प्रमुखों के 49वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए इब्राहिम ने कहा, ‘पाकिस्तान के लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। लेकिन इराक और सीरिया में हुई हिंसा ने ‘जिहादी हिंसा’ की नई चुनौती सामने रख दी है।’ आईएस के खतरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीरिया और इराक के जिहादियों की हिंसक घटनाएं नए खतरे के रूप में उभर रही हैं। ये ताकतें भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इन क्षेत्रों से लौटे युवकों ने भारत के समक्ष नई चुनौती पेश कर दी है। सीरिया में आईएस के लिए लड़ने के लिए गए मुंबई के कल्याण के युवक आरिफ माजिद को पुलिस ने शुक्रवार को ही गिरफ्तार किया है। माना जा रहा था कि वह वहां हिंसा के दौरान मारा गया है।
उधर, राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आईएसआईएस का जन्म सीरिया व इराक में हुआ है और यह सही है कि भारतीय उपमहाद्वीप उनके रडार से बाहर है। मगर कुछ भारतीय इस आतंकी संगठन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह एक बेहद चिंता की बात है। भारत के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।’
आरिफ 8 तक न्यायिक हिरासत में
आईएस में शामिल होकर इराक से लौटे आरिफ माजिद को अदालत ने आठ दिसंबर तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने माना कि युवक से पूछताछ जरूरी है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर आरिफ सहित अन्य तीन युवकों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1964 (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए आरिफ से यह जानना चाहती है कि क्या इराक जाने से पूर्व आरिफ और उसके तीन अन्य साथी अमन टंडेल, फहाद शेख और शाहीन टंकी को कोई प्रशिक्षण दिया गया था।
आईएस की साजिश का पर्दाफाश करना चाहती है एनआईए
देश के सुरक्षा तंत्र के लिए नए खतरे के रूप में दिख रहे आतंकी संगठन आईएस को लेकर सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्कता बरत रही हैं। आईएस में शामिल होकर इराक से लौटे आरिफ माजिद से पूछताछ के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) इस आतंकी संगठन का पर्दाफाश करना चाहती है।
अदालत ने माजिद को आठ दिसंबर तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि वह आरिफ के माध्यम से आईएस की पूरी साजिश का पर्दाफाश करना चाहती है। उधर गृह मंत्रालय के निर्देश पर आरिफ सहित अन्य तीन युवकों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आईपीसी की धारा 125 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
शनिवार को आरिफ को विशेष न्यायाधीश पीआर देशमुख की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एनआईए के वकील ने अदालत से आरिफ की कस्टडी मांगी। एनआईए आरिफ से यह जानना चाहती है कि क्या इराक जाने से पूर्व आरिफ और उसके तीन अन्य साथी अमन टंडेल, फहाद शेख और शाहीन टंकी को कोई प्रशिक्षण दिया गया था। चारों युवक इराक रवाना होने से पहले किस-किस के संपर्क में थे और भारत में आईएस के लिए कौन काम कर रहा है। इराक जाने पर उसकी किससे मुलाकात हुई और उसके बाद उसे क्या काम सौंपा गया। आठ दिसंबर तक की कस्टडी में एनआईए इन तमाम सवालों के जवाब आरिफ से मांगेगी।
धार्मिक यात्रा के बहाने इराक गए थे चारों युवक
मुंबई से सटे कल्याण से आरिफ माजिद सहित अन्य तीन युवकों ने धार्मिक यात्रा के बहाने 22 तीर्थयात्रियों के समूह में 23 मई को मुंबई से बगदाद के लिए उड़ान भरी थी। अगले दिन बगदाद पहुंच कर आरिफ ने अपने घर फोन किया था। उसने परिवार को बताए बिना आईएस में शामिल होने के लिए घरवालों से माफी मांगी थी। अगस्त में खबर आई थी कि आईएस के लिए लड़ते हुए आरिफ मारा गया। मगर, वह लड़ाई में घायल होने के बाद तुर्की भाग गया था। वहां से उसने अपने पिता डॉ. एजाज माजिद को फोन कर घर लौटने की इच्छा जताई थी। उधर, एनआईए, एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसी इराक गए युवकों के टेलीफोन कॉल्स पर निगरानी रख रही थी। इसी के जरिए आरिफ के तुर्की में जिंदा और छिपकर रहने की खबर मिली। उसके बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बताया जाता है कि एनआईए और खुफिया एजेंसी ही उसे तुर्की से मुंबई लेकर आई।
साथियों का राज नहीं खोल रहा आरिफ
सीरिया और इराक में लड़ने गया आरिफ माजिद आईएस सरगना अबु बकर अल बगदादी से मिलने और उसके साथ मजहब की खातिर लड़ने को बेताब था। मुंबई लौटने के बाद भी वह अपने साथियों के बारे में राज नहीं उगल रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा जांच एजेंसी (एनआईए) उसके साथ इराक गए तीन साथियों के साथ ही महाराष्ट्र के उन मुस्लिम युवाओं का राज भी जानना चाहती है जो जिहाद के नाम पर आईएसआईएस, लश्कर-ए-ताइबा और अन्य आतंकवादी संगठनों का हिस्सा बन चुके हैं। एनआईए सूत्रों का दावा है कि आरिफ से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं जो देश में आईएसआईएस के नेटवर्क के सफाए के लिए कारगर साबित हो सकते हैं। आरिफ ने पूछताछ में बताया है कि उसे बगदादी से मिलने का जुनून था, इसलिए उसनेे पॉलिटेकनिक के करीब 40 लड़कों को आईएसआईएस में शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन सिर्फ तीन ही तैयार हुए।
अल हिंद के जरिए भारतीय युवाओं की भर्ती
आईसआईएस ने हिंदुस्तान के मुस्लिम युवाओं की भर्ती के लिए अल हिंद नामक एक अलग संगठन बना रखा है और बकायदा एजेंट भी नियुक्त किए हैं। पर, एजेंट कौन हैं यह जानकारी नहीं मिल पाई है। आरिफ ने इराक की लड़ाई में हिस्सा लिया था, जिससे उसके शरीर में दो-तीन बुलेट लगने के निशान भी हैं। एनआईए जानना चाहती है कि आरिफ के मुंबई लौटने की वजह क्या हो सकती है। वह फिलहाल आठ दिसंबर तक एनआईए की गिरफ्त में है।
जमकर हुआ ब्रेनवॉश
आरिफ का जमकर ब्रेनवाश किया गया है। उसे सीरिया और इराक में आईएसआईएस से जुड़ने का कोई पश्चाताप नहीं है। एनआईए आरिफ से उसके साथियों के बारे में राज उगलवाने में जुटी है। इसके साथ ही उन मुस्लिम युवकों की भी जानकारी इकट्ठा करना चाहती है जो जिहाद के नाम पर आतंकवादी संगठनों का हिस्सा बन चुके हैं।
आरिफ ने यह माना है कि आईएसआईएस के कैंप में कई भारतीय लड़ाके हैं, इसलिए एनआईए आरिफ से लंबी पूछताछ करना चाहती है। सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र से बीते कुछ सालों में 18 से 25 साल तक के करीब एक हजार युवक जिहाद के नाम पर घर छोड़ चुके हैं।