फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   dalit musician banned at guruvayoor temple

दलित म्यूजिशियन के कार्यक्रम को मंदिर में होने से रोका

Fri, 17 Jan 2014 11:58 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 17 Jan 2014 11:58 AM IST
विज्ञापन
dalit musician banned at guruvayoor temple

देश भले ही 21वीं सदी के आधुनिक युग में पहुंच गया हो। पर अभी भी देश में जातिवाद के नाम पर एक जाति के लोग दूसरी जाति के लोगों के साथ भेदभाव बंद नहीं कर रहे हैं।

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पेशे से टैक्सी ड्राइवर 40 वर्षीय कल्लोर बाबू पंचावाद्यम में से एक एलाथलम बजाते हैं। पिछले 15 सालों से मंदिर के बाहर दूसरे हिंदू समुदाय के लोगों के साथ वह एलाथलम बजाता था। मंदिर के अंदर अपनी प्रस्तुति देने के लिए अन्य हिंदू वर्ग के साथियों ने उसे प्रेरित किया था।
विज्ञापन


पांच जनवरी को हुए इस मामले के बाद इलाके के लोगों में रोष है। कल्लोर बाबू का कहना है कि अगर मंदिर के पुजारी दलित वर्ग के लोगों से पैसा ले सकते हैं। पर मंदिर के अंदर एलाथलम बजाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मुद्दे पर डिप्टी एडमिनिस्ट्रशन विजय नंबियार ने कहा कि मंदिर का पुराने रिवाज है कि यहां पर मरार समुदाय से जुड़े लोग ही है। एलाथलम को बजाते हैं।

गुरूव्यूर मंदिर अफेयर्स बोर्ड के चेयरमैन टीवी चंद्रमोहन ने बताया कि दलित कलाकार के मंदिर में अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति पर रोक लगाए जाने का शिकयती पत्र हमें प्राप्त हुआ है। इस पर 21 जनवरी को होने वाली गुरूव्यूर मंदिर की बोर्ड की मीटिंग में फैसला लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed