मेरठ: दबंगों ने दलित मां-बेटी को अर्धनग्न कर घुमाया
डालूहेड़ा गांव में खेत से चारा काटने के विवाद में मानवता तार-तार कर दी गई। दलित महिला और उसकी दो बेटियों को घर से खींचकर न केवल पीटा गया, बल्कि कपड़े फाड़ने के बाद तीनों को अर्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाया गया।
विरोध पर मोहल्ले वालों से भी मारपीट तो ग्राम प्रधान से अभद्रता की गई। बाद में एक युवती के बेहोश होकर गिरने पर दबंग उन्हें छोड़कर चले गए। इसको लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
डालूहेड़ा गांव निवासी एक दलित महिला और उसकी बेटी ने बुधवार को एक खेत से घास काट ली। इसकी जानकारी होने पर खेत की मालकिन जंगल पहुंच गई।
दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। ग्रामीणों ने बीचबचाव करा दिया। इसके बाद दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए।
मोहल्ले के लोगों से भी मारपीट
आरोप है कि बाद में एक पक्ष के लोग इकट्ठा होकर दलित महिला के घर पहुंच गए और उसे तथा उसकी दो जवान पुत्रियों को घर से खींचकर बुरी तरह पीटा और उनके कपड़े फाड़ डाले।
विरोध करने पर आरोपियों ने मोहल्ले वालों से भी मारपीट की। इसके बाद तीनों को अर्धनग्न अवस्था में ही गांव में घुमाया गया। अपने घर के पास पहुंचने पर ग्राम प्रधान ईश्वर सिंह ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता की।
इस बीच एक युवती बेहोश होकर गिर पड़ी तो आरोपी तीनों को छोड़ कर चले गए। इसके बाद दलित पक्ष के लोग तीनों को घर ले आए। पीड़ित पक्ष के साथ ही आरोपियों ने भी थाने में तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया है।
गांव में घुमाए जाते समय पीड़ित महिला और उसकी बेटियां रोती -गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई भी सामने नहीं आया।
सड़क पर उतरने की चेतावनी
दलित पक्ष का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग बुधवार रात में भी उनकी बस्ती में आए थे और गाली-गलौच के साथ बदतमीजी की थी।
बृहस्पतिवार को गांव में दलित पक्ष की पंचायत बुलाई गई, जिसमें महिला और उसकी पुत्रियों ने पूरी घटना की जानकारी दी तो लोगों ने रोष हो गया।
इस दौरान दलित शोषित मोर्चा के अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह ने कहा कि अगर पुलिस ने दो दिनों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो दलित समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
दूसरे पक्ष की भी गांव में पंचायत हुई। इसमें पूर्व प्रधान जय सिंह ने कहा कि महिलाओं की छोटी की मारपीट को तूल दिया जा रहा है।
कपड़े फाड़ने जैसी कोई बात नहीं हुई। वहीं खेत मालकिन ने कहा कि खेत में घास काटने के दौरान फसल का नुकसान हुआ था। इसका उसने विरोध किया तो उसे मारपीट कर घायल कर दिया गया।
गांव में शांति बनाये रखने को लेकर दोनों पक्षों के कुछ लोगों की बृहस्पतिवार देर शाम बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए शुक्रवार को एक पंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया।
दलित महिलाओं से ज्यादती की निंदा
गांव डालूहेड़ा में चार माह पूर्व शिक्षक ब्रह्म सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में गांव के ही तीन दलितों पर शिक्षक उत्पीड़न करने का आरोप लगा था।
ग्रामीणों के अनुसार तभी से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति चली आ रही है। दोनों पक्षों में छोटी-छोटी बातों पर कई बार मारपीट हो चुकी है। दलित महिला से हुआ विवाद भी उसी विवाद का नजीता बताया जा रहा रहा है। दलित महिला से हुई घटना में दूसरे पक्ष की महिला शिक्षक की पत्नी है।
डालूहेड़ा में दलित महिला से किए गए व्यवहार की राजनीतिक पार्टियों ने भी निंदा की है। पूर्व विधायक रणवीर राणा के अनुसार आज पूरा समाज महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचारों को लेकर लड़ाई लड़ रहा है।
ऐसे में यह घटना शर्मनाक है। वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीड़ित पक्ष के साथ है। उधर, भाजपा सिवाल विधानसभा क्षेत्र प्रभारी मुनेश बाफर के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। साथ ही अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
जानी के थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने कहा कि मेरे सामने दोनों पक्षों की महिलाओं में मारपीट का मामला आया था। दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौते की जानकारी जीडी में भी दर्ज की गई है। कपड़े फाड़े जाने और गांव में घुमाने की बात नहीं आई थी। जांच की जा रही है।