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पुलिस उत्पीड़न से तंग दलित छात्रा ने की आत्महत्या

Sun, 14 Feb 2016 09:08 AM IST
Updated Sun, 14 Feb 2016 09:08 AM IST
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Dalit girl commit suicide due to police atrocities

उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद के गांव नगला दुली में भैंस चोरी के आरोपियों की तलाश में आई पुलिस ने दलित बस्ती के कई घरों दबिश दी। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं से अभद्रता और पुरुषों की पिटाई कर दी। एक घर में आरोपी युवक के नहीं मिलने पर उसकी बहन से अभद्रता की गई। इससे क्षुब्ध इस दलित छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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छात्रा की मौत के बाद आक्रोशित परिवारीजनों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया और जमकर हंगामा काटा। बाद में पुलिस जबरन शव को उठा ले गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रधान के नेतृत्व में सिरसागंज विधायक हरिओम यादव व पुलिस अधीक्षक से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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नगला खंगर थाना क्षेत्र के गांव नगला दुली में छात्रा जूली (18) पुत्री रामखिलाड़ी जाटव ने शुक्रवार शाम को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों ने बताया कि राजस्थान के धौलपुर जिले के थाना राजाखेड़ा की पुलिस चार दिन पूर्व गांव के युवक अभिषेक को भैंस चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर के ले गई थी।
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पुलिसकर्मियों ने अभद्रता कर दी और पुरुषों की पिटाई लगा दी

Dalit girl commit suicide due to police atrocities

अभिषेक ने गांव के कई अन्य युवकों के नाम पुलिस को बताए। इसमें उनके पुत्र का नाम भी था। पिछले तीन दिनों से राजाखेड़ा एवं नगला खंगर पुलिस गांव में दबिश दे रही थी। गुरुवार रात रामखिलाड़ी के घर भी पुलिस दबिश देने पहुंची लेकिन उनका पुत्र मौजूद नहीं था। परिवारीजनों उसके निर्दोष होने की सफाई दी लेकिन पुलिसकर्मियों ने अभद्रता कर दी और पुरुषों की पिटाई लगा दी।

युवक की बहन जूली ने विरोध किया तो उसके साथ भी अभद्रता की। शुक्रवार को गांव की महिलाओं ने एसओ नगला खंगर से मिलकर अभद्रता और गालीगलौज की जानकारी दी थी लेकिन एसओ ने कोई ध्यान नहीं दिया। पुलिस अभद्रता से क्षुब्ध जूली ने शुक्रवार की शाम को फांसी लगाकर जान दे दी। इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया।

सूचना पर पुलिस पहुंची तो उसे विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। बाद में बल पूर्वक पुलिस शव को उठा ले गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के रवैये से आहत ग्रामीण प्रधान उपेंद्र तोमर के नेतृत्व में सिरसागंज विधायक हरिओम यादव और एसपी अशोक कुमार से मिले। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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