फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

बस में 'धमाका', 11 मरे, 30 अन्य की हालत गंभीर

Wed, 24 Sep 2014 02:00 PM IST
Updated Wed, 24 Sep 2014 02:00 PM IST
विज्ञापन
Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

बुलंदशहर में बस में सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या चार से बढ़कर मंगलवार को 11 हो गई। दो ने दिल्ली जाते समय दम तोड़ दिया जबकि आठ की मौत दिल्ली में हुई। वहीं, एक महिला की मौत मेरठ मेडिकल कालेज में हुई। 30 की हालत अभी भी गंभीर है। दोपहर बाद कमिश्नर भूपेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और प्रशासनिक जांच की बात कही। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मृतकों के परिजनों को एक लाख और परिवार के मुखिया की मौत पर दो लाख की आर्थिक मदद और घायलों के इलाज का खर्च उठाने की घोषणा की।

विज्ञापन


सोमवार को शिकारपुर तहसील के गांव कुतुबपुर में निजी यात्री बस में पांच किलो के सिलेंडर के फटने से 100 यात्री घायल हो गए थे। 86 घायल यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 83 को दिल्ली रेफर किया गया। पांच को मेरठ मेडिकल कालेज ले जाया गया जबकि कई निजी अस्पतालों में भी भर्ती हैं।
विज्ञापन


सोमवार रात को दो भाइयों देवेश (6) और हैप्पी (4) समेत चार यात्रियों की मौत हो गई। दोनों का का अंतिम संस्कार गांव असावरी में मंगलवार को किया गया। वहीं, मंगलवार को मोड़ी गांव की जूली पुत्री रविकरण ने भी दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चांदोक गांव के जयवीर सिंह पुत्र सोहन सिंह की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है। इसके अलावा अदीम, अरशद, प्रेम, मोनिका, राजवती, ननवा और लूना की मौत हुई है। हादसा होने से शिकारपुर क्षेत्र के गांव औरंगाबाद चांदौक, ढलना, डूसरी, जखैता, कुतुबपुर, तैयबपुर, अजनारा, असावरी, लोहरा, जहांगीराबाद एवं शिकारपुर कस्बे में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के मुताबिक अभी भी 75 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 30 की हालत गंभीर है।

बस मालिक समेत तीन पर रिपोर्ट

Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

प्राइवेट बस के मालिक विपिन कुमार पुत्र बीरबल निवासी कनैना, ड्राइवर राजीव निवासी जखैता और परिचालक सतीश निवासी तैयबपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही बस के कागजात की भी पड़ताल की जा रही है।  

बुलंदशहर के डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि अब तक हादसे में घायल 11 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली और मेरठ के अस्पतालों में जिला प्रशासन के अफसरों को भेज रखा है। प्रशासन घायलों की सेहत पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। सरकार ने हर मुमकिन मदद को भरोसा दिया है। शवों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। 30 मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

मृतकों की सूची
देवेश (06) पुत्र शेरपाल निवासी असावरी
हैप्पी (04) पुत्र शेरपाल  निवासी असावरी
जयवीर सिंह (40) पुत्र सोहन सिंह निवासी चांदोक
ओमवती पत्नी रामचंद्र निवासी लोधान जहांगीराबाद
अजीज (04) पुत्र जमील निवासी नई बस्ती जहांगीराबाद
असद (02) पुत्र जमील निवासी नई बस्ती जहांगीराबाद
जूली (22) पुत्री रविकरण निवासी गांव मोड़ी शिकारपुर
ननवा पुत्र श्यौराज रोरा जहांगीराबाद
राजवती (45) पत्नी प्रेमचंद लोहरा जहांगीराबाद
मोनी पुत्री प्रेमचंद लोहरा जहांगीराबाद
रूमा पुत्री शाइस्ता निवासी जहांगीराबाद

‘लाल बम’ से झुलसी जिंदगी

Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

11 लोगों की मौत और बड़ी तादाद में झुलसे लोगों के लिए लाल बम (सिलेंडर) खूनी साबित हुआ। अभी भी अस्पतालों में चीख रहे लोग अपनों के लिए तड़प रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि दो बेटों के शव बुलंदशहर में पड़े हैं जबकि मां-बाप दिल्ली में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। बहन को आंखों के सामने ही खोने वाला भाई भी खुद को उसकी मौत का जिम्मेदार मान रहा है।

हादसे के बाद देर रात रात तक परिजनों को जानकारी मिली तो परिजन बदहवास हालत में अस्पतालों की ओर दौड़े। शिकारपुर, जहांगीराबाद, बुलंदशहर, मेरठ और दिल्ली जाकर अपनों को तलाशा। शिकारपुर तहसील के असासरी निवासी शेर सिंह और उनकी पत्नी धर्मवती दिल्ली में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उनको यह भी पता नहीं कि उनके दोनों बच्चों देव (6) और हैप्पी (4) कहां हैं, उनका क्या हुआ। दोनों बच्चों की मौत की खबर से वे अनजान हैं। बच्चों के शव बुलंदशहर लौट आए और माता-पिता अस्पताल में भर्ती हैं।

वहीं, जहांगीराबाद के लौहारा निवासी प्रेमचंद अपनी बेटी और पत्नी के साथ बस में सवार थे। ब्लास्ट के बाद पत्नी राजवती (45) की मेरठ मेडिकल कालेज में मौत हो गई। बेटी मौनी दिल्ली में चल बसी जबकि प्रेमचंद दिल्ली में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।

बस में बहन जूली के साथ बस में सवार विनीत निवासी मोडी अपने ननिहाल मामा जबर सिंह के पास गहना गांव जा रहा था। विनीत कुछ काम के चलते हादसे से कुछ दूर पहले चौराहे पर उतर गया और जल्दी पहुंचने का बहन को भरोसा दिया लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, हादसे में जूली बुरी तरह झुलस गई और दिल्ली जाकर उसने भी दम तोड़ दिया। अब विनीत खुद को बहन की मौत का जिम्मेदार मान रहा है। 

कमिश्नर भूपेंद्र ने बताया कि सभी को बेहतर इलाज दिलाने की कोशिश की जा रही है। झुलसे एक परिवार के लोगों का इलाज एक ही अस्पताल में कराने की भी कोशिश की जाएगी। अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। इलाज में कोताही नहीं होने दी जाएगी।

डीएम निधि केसरवानी ने कहा कि निजी अस्पतालों में भी भर्ती झुलसे लोगों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। निजी अस्पतालों के बिलों का परीक्षण करने के बाद भुगतान करा दिया जाएगा। फिलहाल झुलसे लोगों को बचाना प्रशासन का मकसद है।

बिजनौर के आतंकियों से तो नहीं जुड़े तार!

Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

शिकारपुर में बस में हुए ब्लास्ट के बाद बिजनौर पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं। बिजनौर पुलिस ने धमाके के बाद बुलंदशहर पुलिस से संपर्क कर घटना के बारे में जानकारी ली। बिजनौर पुलिस ने सिलेंडर में धमाके के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री मिलने की बात भी पूछी, हालांकि बुलंदशहर पुलिस ने विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से इनकार किया है। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि बिजनौर पुलिस ने इस संबंध में उनसे बात की और जानकारी चाही है, लेकिन यह उस तरह की वारदात नहीं है। डीएम और एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के बाद साफ कर दिया कि हादसे में कहीं से भी आतंकी साजिश से सबूत नहीं मिले हैं।

हादसा सिर्फ सुरक्षा चूक का नतीजा है और सिलेंडर फटने से हुआ है। हालांकि हादसे के तार कहीं बिजनौर में सक्रिय आतंकियों के प्लान से जुड़े तो नहीं, इस बिंदु समेत तमाम पहलुओं पर अफसरों ने जांच शुरू करा दी है। फोरेंसिक जांच के बाद ही विस्फोट के असल कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस अफसरों ने घटना स्थल और जिला अस्पताल में पड़ताल कर जानकारी जुटाई। जिला अस्पताल पहुंचे झुलसे लोगों का इलाज करने वाले डाक्टरों से जाना कि किसी के शरीर पर कोई नुकीली वस्तु के घाव तो नहीं थे, किसी तरह का विस्फोटक पाउडर तो नहीं लगा।

डाक्टरों ने भी इस तरह की चोट के निशान या पाउडर होने या उसकी गंध मिलने से इनकार कर दिया। वहीं, जिला स्तरीय खुफिया विभाग समेत इंटेलिजेंस भी इस हादसे की असलियत का बिजनौर कनेक्शन तलाशने में जुटे रहे। उन्होंने जगह-जगह जाकर जानकारी एकत्र की। घायलों से पूछताछ की। खुफिया विभाग के अफसरों ने जांच के बारे में जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।

डीएम निधि केसरवानी का कहना है कि घटना सिलेंडर फटने की है। फिर भी सही जानकारी करने के हर संभव बिंदु की जांच कराएंगे। फोरेंसिक जांच दल नमूने लेकर गहन पड़ताल करेगा। पुलिस जांच भी होगी।

एसएसपी अखिलेश कुमार ने भी कहा कि घटना सीधे तौर पर सिलेंडर विस्फोट से जुड़ी है। घटना स्थल से जिला स्तरीय विशेषज्ञों ने नमूने लेकर पड़ताल की है। फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। उसकी रिपोर्ट से सारी स्थिति साफ हो जाएगी।

सांसद ने उठाए सवाल, गृहमंत्री से जांच की मांग

Gas Cylinder blast in bus in Bulandshahar, 100 injured.

सोमवार रात से ही दिल्ली के अस्पताल में मरीजों की मदद में जुटे सांसद डा. भोला सिंह ने बस धमाके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से ब्लास्ट की आतंकी साजिश होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। सांसद का कहना है कि एक पांच किलो के गैस वाले सादे सिलेंडर से इतना भयानक हादसा संभव नहीं है। ब्लास्ट के चंद सेकेंड में ही पूरी बस में आग लगना, बस के एक भी यात्री के घायल होने से नहीं बचना, सिलेंडर के दो पार्ट में हो जाना, बस के दोनों कोनों तक सिलेंडर की आग के पहुंचने आदि ऐसे सवाल हैं, जिन पर जांच होनी चाहिए।

बिजनौर में हुए बम विस्फोट और मिली सामग्री में छोटे सिलेंडरों का ही इस्तेमाल किया गया था। गुजरात विस्फोट में मेरठ के बने सिलेंडर इस्तेमाल हुए हैं। बिजनौर में सिलेंडर सप्लाई का कनेक्शन मेरठ से जुड़ रहा है। बस ब्लास्ट को बिजनौर के आतंकी कनेक्शन से जोड़कर जांच होनी चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।

सिलेंडर रखा किसने, नहीं हुआ ट्रेस

जिस सिलेंडर से बस में ब्लास्ट हुआ, उसे बस में किसने रखा। यह सवाल अब तक नहीं सुलझा है।  दरअसल, पहले पुलिस को पता चला कि एक 16 साल की युवती उसे लेकर चढ़ी थी, लेकिन परिचालक ने सोमवार को ही साफ कर दिया था कि एक व्यक्ति ने बस में सिलेंडर रखा, जिसे उसने रोका भी था। पुलिस अब घायल परिचालक की हालत ठीक होने पर सिलेंडर रखने वाले का हुलिया जानेगी। पुलिस बोलने की स्थिति में झुलसे लोगों से भी सिलेंडर रखने वाले के बारे में पड़ताल कर रही है।  

बस के बीचोबीच रखा था सिलेंडर
पुलिस की अब जांच में सामने आया है कि सिलेंडर पांच किलो का था और उसको बस के बीचोबीच सामान रखने वाले जाल पर ऊपर की तरफ रखा गया था। ब्लास्ट होने पर गंभीर रूप से झुलसे लोग उसी के आसपास के हैं। मरने वालों में भी ज्यादातर की तादाद बीच में बैठने वालों की है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने जांच में सिलेंडर बस के बीच में रखे जाने की पुष्टि की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed