फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   cyclone helen andhra pradesh orissa ndrf alert

फिर बड़े तूफान की आशंका, सरकार सतर्क

Thu, 21 Nov 2013 12:58 AM IST
एजेंसी/हैदराबाद
एजेंसी/हैदराबाद Updated Thu, 21 Nov 2013 12:58 AM IST
विज्ञापन
cyclone helen andhra pradesh orissa ndrf alert

चक्रवाती तूफान ‘हेलेन’ से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश के चार तटीय जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की छह टीमें तैनात कर दी गई हैं।

विज्ञापन


आशंका है कि यह तूफान बृहस्पतिवार शाम को कवाली के करीब तटों से टकराएगा। इस वजह से नेल्लूर और पराकासम जिले में 25 सेमी तक भारी बरसात हो सकती है जबकि आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय गुंटूर व कृष्णा जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ओडिशा में भी तेज हवाएं और बारिश होगी।
विज्ञापन


आंध्र प्रदेश के आपदा प्रबंधन आयुक्त सी पार्थसारथी ने कहा, ‘बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव ने बुधवार सुबह चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया है। आशंका है कि बृहस्पतिवार शाम को यह श्रीहरिकोटा और ओंगोल के बीच कवाली के नजदीक तटों से यह तूफान टकरा सकता है। इस वजह से तेज बारिश हो सकती है।’
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बुधवार को तेज हवाएं 55 से 65 किमी की रफ्तार से चल रही थीं जबकि बृहस्पतिवार को यह 100 से 120 किमी प्रति घंटे तक बढ़ सकती हैं।

पार्थसारथी ने कहा, ‘हमने नेल्लूर और पराकासम जिलों में एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की हैं। जबकि गुंटूर और कृष्णा में एक-एक टीम को बचाव व राहत कार्य का जिम्मा सौंपा है। इसके अलावा अग्निशमन कर्मियों को भी पुलिस व अन्य विभाग की मदद के लिए तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है तूफान की वजह से एक भी जान न जाए। साथ ही हमारी कोशिश संपत्ति के नुकसान को बचाने की भी होगी। मछुआरों को भी समुद्र से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।


उधर, तूफान ‘हेलेन’ फिलहाल ओडिशा के गोपालपुर से 520 किमी दक्षिण में स्थित है। अगले 24 घंटों में तूफान के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में पहुंचने के बाद यहां भी तेज बारिश की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के सुदर्शन मिश्रा ने बताया कि हालांकि ओडिशा में तूफान का असर उतना नहीं रहेगा, फिर भी कई इलाकों में बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed