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जंतर मंतर पर प्रदर्शन, इंडिया गेट पर कर्फ्यू जैसी स्थिति

Mon, 24 Dec 2012 04:47 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 24 Dec 2012 04:47 PM IST
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curfew like situation at india gate and vijay chowk in new delhi

दिल्ली में गैंगरेप के खिलाफ जंतर मंतर पर आज फिर प्रदर्शन हो रहे हैं। जबकि इंडिया गेट, विजय चौक और राजपथ पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं।

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इंडियागेट और आसपास के इलाकों में मीडिया की एंट्री भी बंद कर दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को कैमरे और ओबी वैन हटाने को कहा गया है। रविवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज के बाद एहतियातन ये कदम उठाए गए हैं।
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गौरतलब है कि रविवार को नई दिल्ली में धारा 144 लागू करने के बाद भी जबर्दस्त प्रदर्शन हुए। इंडिया गेट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भाजीं तो उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। देर शाम पुलिस ने लाठी के जोर पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर इंडिया गेट खाली करा लिया।
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पुलिस ने रविवार को गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच उपद्रवियों के घुस आने से मामला बिगड़ा है। रायसीना हिल्स पर शनिवार के जोरदार प्रदर्शन से सहमी सरकार ने रविवार सुबह ही नई दिल्ली इलाके में धारा 144 लागू कर दी। शनिवार देर रात विजय चौक खाली कराने के बाद राजपथ को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

साथ ही लोगों को इंडिया गेट पर एकत्र होने से रोकने के लिए सात मेट्रो स्टेशन भी बंद किए गए, लेकिन सरकार और पुलिस की यह कोशिशें नाकाम रहीं। लोग तड़के से ही इंडिया गेट पर जुटने लगे और कुछ देर में ही प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ वहां पहुंच गई। पुलिस ने वहां जुटे प्रदर्शनकारियों को जबरन दो बसों में बिठाया।

लेकिन छात्र-छात्राओं ने पहियों की हवा निकाल दी और बस के नीचे लेट गए। मालूम हो कि पुलिस ने शनिवार आधी रात के बाद भी प्रदर्शनकारियों को जबरन बसों में बिठाकर बवाना और यूपी बॉर्डर ले जाकर छोड़ दिया था। रविवार को हालात दोपहर बाद तब बेकाबू हो गए जब प्रदर्शनकारियों की विजय चौक की तरफ जाने की कोशिश को नाकाम करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इससे प्रदर्शनकारी भड़क उठे।

एक तरफ से लाठी भांजती पुलिस प्रदर्शनकारियों को दौड़ाती रही तो दूसरी तरफ से प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी करते हुए पुलिस पर हल्ला बोलते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की और बैरीकेडिंग को आग के हवाले कर दिया। पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें शाम तक चलती रहीं, जिसमें 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एक कांस्टेबल सुभाष तोमर की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने बल प्रयोग कर शाम छह बजे इंडिया गेट, जंतर मंतर और राजपथ के इलाके से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। लेकिन वह अपनी मांगों पर कायम दिखे। पुलिसिया कार्रवाई की चपेट में कई मीडियाकर्मी भी आ गए। इस दौरान कई कैमरे तोडे़ जाने और मीडियाकर्मियों को पीटे जाने की भी घटनाएं हुईं।

पुलिस कमिश्नर से खफा शीला दीक्षित
प्रदर्शनकारियों से निपटने के दिल्ली पुलिस के तौर तरीकों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने नाराजगी जाहिर की है। अपनी पूरी कैबिनेट के साथ रविवार को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलने पहुंचीं शीला दीक्षित ने लाठीचार्ज की घटना के लिए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को कठघरे में खड़ा किया।

वहीं, मुख्यमंत्री के पुत्र और कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने स्थिति से निपटने में नाकाम रहने के लिए सीधे दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार से इस्तीफे की मांग कर दी है।

मेट्रो के नौ स्टेशन
बंद

वहीं राजधानी में उत्पन्न जनाक्रोश का असर दिल्ली मेट्रो की 10वीं वर्षगांठ पर भी पड़ा है। जनाक्रोश को देखते हुए डीएमआरसी ने सोमवार को राजीव चौक सेन्ट्रल पार्क में होने वाले समारोह को रद्द कर दिया है।

मेट्रो के नौ स्टेशन सोमवार को भी बंद रहेंगे। इनमें प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखम्बा रोड, राजीव चौक, खान मार्केट, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेस कोर्स मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।


मेट्रो प्रवक्ता के अनुसार यह सभी स्टेशन कानून व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस के अनुरोध पर बंद किये गये हैं और जब तक पुलिस की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं मिलता, तब तक इन स्टेशनों को आम जनता के लिए नहीं खोला जायेगा।

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