गुजरात में पटरी पर लौटी जिंदगी, सभी शहरों से कर्फ्यू हटा
पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भड़की व्यापक हिंसा के बाद गुजरात में जनजीवन सामान्य होने लगा है। सभी जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। पिछले दो दिनों से कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) पीपी पांडे ने कहा कि राज्य में हिंसा की कोई घटना नहीं घटी। ऐसे में सभी जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। पटेल समुदाय के हिंसक आंदोलन को देखते हुए 25 अगस्त को राज्य के कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालांकि अभी भी पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट सर्विस को सोमवार तक बंद रखा गया है। अहमदाबाद पुलिस की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि अफवाहों और उकसाने वाली बातों को फैसले से रोकने के लिए ऐसा किया गया है।
वापस जाने की ओर हैं कंपनियां
राजधानी अहमदाबाद के सभी नौ थानों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। यहीं पर
सबसे अधिक हिंसा भड़की थी और पांच लोग मारे गए थे। हालांकि हिंसा से
प्रभावित सभी इलाकों में अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती ज्यों का त्यों है।
जिलाधिकारी राजकुमार बेनीवाल ने कहा कि शहर में तैनात की गई सेना की पांच
कंपनियों को अब वापस भेजने की तैयारी चल रही है। अब उनकी जरूरत नहीं है।
उधर, शहर की सड़कों पर जनजीवन पटरी पर लौट गया है।
सार्वजनिक परिवहन और
अन्य वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई है। दुकानें और अन्य व्यापारिक
प्रतिष्ठान सुचारु रूप के चलने लगे हैं। रक्षा बंधन के मौके पर शहर की
दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई। राज्य के हिंसा से प्रभावित अन्य शहरों
राजकोट, मेहसाणा, सूरत, जामनगर, मोरबी और सबरकांठा में भी जनजीवन सामान्य
हो गया है।