फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   crpf jawan do not have knoledge to dispose the bomb

CRPF जवानों की मौत के पीछे सनसनीखेज वजह

Tue, 08 Apr 2014 08:53 PM IST
Updated Tue, 08 Apr 2014 08:53 PM IST
विज्ञापन
crpf jawan do not have knoledge to dispose the bomb

बिहार के औरंगाबाद में सोमवार हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 2 जवान की मौत हो गई। ये हादसा तब हुआ था, जब जवानों ने एक बम को निष्क्रिय करने की कोशिश की थी। जांच में पता चला है कि जवानों को बम निष्क्रिय करने की जानकारी नहीं थी।

विज्ञापन


सीआरपीएफ अधिकारी ने बताया कि जवानों को बम निष्क्रिय करने की जानकारी नहीं थी लेकिन उन्होंने ऐसा करने की कोशिश की, जिससे बम फट गया और उनकी मौत हो गई।

सीआपीएफ के जवानों की इस लापरवाही पर गृहमंत्रालय ने भी चिंता व्यक्त की है और जवानों को आगाह किया है कि वह बिना किसी विशेषज्ञ के ऐसी चीजों को हाथ न लगाएं जो घातक साबित हों।

विज्ञापन

20 किलो वजनी था बम

crpf jawan do not have knoledge to dispose the bomb

चुनाव में हिंसा के मकसद से बिहार के औरंगाबाद में नक्सलियों के रखे गए आईईडी बम को निष्क्रिय करने वाले सीआरपीएफ जवान न तो बम निरोधक दस्ते के थे और न ही उन्हें बम निष्क्रिय करने की तकनीकी जानकारी थी।

छुपा कर रखे गए आईईडी की पहचान के बाद जबतक पटना से बम निरोधक दस्ता घटनास्थल तक पहुंच पाता इन जवानों ने अति उत्साह में बीस किलो विस्फोटक वाले बम से छेड़छाड़ शुरु कर दी। बम फटा जिसमें दो सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई और सात घायल हो गए थे।

चुनाव प्रक्रिया शुरु होने के बाद नक्सलियों को काबू में रखने के लिए तैनात बलों की ऐसी लापरवाही से सीआरपीएफ और गृहमंत्रालय में गंभीर चिंता है। मंत्रालय के मुताबिक 10 मार्च को कई नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव होने हैं। इस हालात में गृहमंत्रालय ने राज्यों को ताजा दिशा निर्देश भेजा है।

चुनाव को देखते हुए नक्सलियों ने बदली नीति

crpf jawan do not have knoledge to dispose the bomb

गृहमंत्रालय के नक्सल मैनेजमेंट विभाग के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि चुनाव के मद्देनजर बलों की भरपूर तैनाती को देखते हुए नक्सलियों ने हमले की नीति बदल दी है। अब वह सीधे हमले के बजाए छुप कर आईईडी विस्फोट से उपद्रव और हिंसा करना चाह रहे हैं।

अधिकारी के मुताबिक नक्सलियों ने औरंगाबाद के साथ गया में भी दो बम रखे थे। लेकिन प्रशिक्षित खोजी कुत्ते ने बम का पता लगा लिया। उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय भी कर दिया गया। अधिकारी के मुताबिक इस चुनाव में नक्सली हिंसा फैलाने के लिए हर तरह के हथकंडे आजमाने पर आमादा हैं।

नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव के दौरान अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ हेलीकॉप्टर से भी इलाके का लगातार सर्वेक्षण किया जाएगा। नक्सलियों के बदलते पैतरे को देखते हुए सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन को खासतौर पर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed