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सीआरपीएफ ने बनाया अपना खुफिया तंत्र

Tue, 30 Oct 2012 10:59 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 30 Oct 2012 10:59 PM IST
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CRPF created own intelligence network

जम्मू और कश्मीर तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अलग से अपना खुफिया विभाग गठित किया है। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार के भरोसे अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रही सीआरपीएफ का मानना है कि अपना खुफिया तंत्र फोर्स की काबिलियत को कई गुना बढ़ा देगा।

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इसके तहत नक्सल प्रभावित इलाकों के आसमान पर मानवरहित जासूसी जहाज (यूएवी) से नक्सलियों की हरकतों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही जंगलों के दूरदराज के गांवों और बस्तियों से भी आधारभूत स्तर पर सूचना एकत्र करने के लिए पुख्ता तंत्र बनाया जा रहा है।
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सीआरपीएफ की 73वीं वर्षगांठ के अवसर पर महानिदेशक प्रणय सहाय ने बताया कि यूएवी का प्रयोग काफी सफल रहा है। जंगलों की कार्रवाई में इससे काफी मदद मिल रही है। सहाय के मुताबिक खुफिया विभाग का गठन चार महीने पहले किया गया है। शुरुआती तौर पर हरेक बटालियन पर आठ खुफिया अधिकारियों को रखा गया है।
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इसके लिए दूसरे खुफिया तंत्र से सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था भी की जा रही है। इस कवायद में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को भी दूर किया जा रहा है। सहाय ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान गुप्त सूचनाओं के लिए राज्य सरकार पर पूरी निर्भरता की वजह से फोर्स के हाथ बंध जाते थे।


सहाय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों और अधिकारियों के विशेष भत्ते में मौजूदा अंतर को दूर किया जा रहा है। गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित इलाकों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में जवानों और अधिकारियों को भत्ता ज्यादा मिलता है। इस वजह से जवान जम्मू-कश्मीर की पोस्टिंग को ज्यादा तवज्जो देते हैं। सहाय के मुताबिक नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे आईईडी विस्फोटक सुरक्षा बल के लिए अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।

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