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मासूम से दरिंदगी पर देशभर में प्रदर्शनों की गूंज
नई दिल्ली/एजेंसी/ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2013 01:33 AM IST
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देश भर में दिल्ली में पांच साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं।
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इस घटना के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है।
देश की राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए मासूम के जल्द ठीक होने की कामनाएं की।
गिरफ्तारी
दिल्ली की सड़कों पर फिर हजारों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस के प्रति लोगों में गुस्सा है, लेकिन पुलिस के लिए राहत की बात यह है कि मासूम का अपराधी उसकी गिरफ्त में है।
शुक्रवार की देर रात को पुलिस ने मनोज नाम के इस शख्स को मुजफ्फरपुर के एक गांव में गिरफ्तार कर लिया। उसे दिल्ली ले आया गया है और पूछताछ चल रही है।
लेकिन दिल्ली पुलिस पर बच्चों और महिलाओं को सुरक्षा दे पाने में नाकाम रहने की जिम्मेदारी स्वीकारने और पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को हटाए जाने का दबाव सरकार पर बना हुआ है।
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शनिवार को सैकड़ों की संख्या में गुस्साए लोगों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
वे मुनिया के माता-पिता को दो हजार रुपये लेकर मामले को रफादफा करने की बात कहने वाले पुलिसवालों और शुक्रवार को एक प्रदर्शनकारी लड़की को थप्पड़ मारने वाले एसीपी की गिरफ्तारी की भी मांग कर रहे थे।
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नारेबाजी
इस दौरान पुलिस और शीला सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। समय बढ़ने के साथ-साथ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा प्रदर्शन थोड़ा उग्र भी हुआ।
देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने आईटीओ पर चारों ओर की सड़कों पर वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और शीला सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।
समय बढ़ने के साथ-साथ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा प्रदर्शन थोड़ा उग्र भी हुआ।
प्रदर्शनकारियों में भाजपा, माकपा, भाकपा और आप जैसे राजनीतिक दलों की महिला तथा युवा/छात्र शाखाओं के लोग शामिल थे।
कड़ी सुरक्षा
इसके अतिरिक्त कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आवास, एम्स और पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर पुलिस स्टेशन के सामने भी प्रदर्शन हुए। इन सभी जगहों पर पुलिस सुरक्षा कड़ी थी।
16 दिसंबर की घटना के विपरीत इस बार राजनेताओं ने बच्ची की जल्दी सुध ली, इस कारण उनके प्रति उतना गुस्सा नहीं दिखा जितना पुलिस के प्रति जिसने मामले को रफादफा करने की कोशिश की।
पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। वे दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भी नाराज थे।
शिंदे ने बाद में दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। लेकिन उन पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हटाने का दबाव भी है।
अहमदाबाद में प्रदर्शन
देश के पश्चिमी हिस्से अहमदाबाद में छात्रों ने इस जघन्य करतूत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी को फांसी पर लटकाए जाने की मांग की।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तो महिलाओं ने इस घटना के विरोध में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के पुतले फूंके। देश के दक्षिणी हिस्से तक भी इस घटना की गूंज रही।
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में जहां लोग बड़ी संख्या में घटना के विरोध में नारेबाजी करते नजर आए। वहीं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में लोगों ने दुष्कर्म की इस घटना के खिलाफ अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
यूपी में भी गुस्सा
उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों में भी इस घटना के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतरा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में लोगों ने इस घृणित कृत्य के खिलाफ नारेबाजी की।
जम्मू-कश्मीर में भी दिल्ली की इस दरिंदगी के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतरा। जम्मू और श्रीनगर में लोगों ने कैंडिल लाइट मार्च किया।
चंडीगढ़ में एक एनजीओ की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने सुखना झील के निकट लोगों ने प्रदर्शन किया। आने वाले दिनों में इन प्रदर्शनों के और भी तेज होने के आसार हैं।