किसान की मौत पर केजरीवाल की खिंचाई
आम आदमी पार्टी की किसान रैली में एक शख्स के खुदकुशी करने की घटना पर ट्विटर पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। ज्यादातर लोगों ने इस वारदात पर राजनीतिक दलों की खिंचाई की है और किसानों पर राजनीति न करने की गुजारिश की है।
किसानों का हमदर्द?
जाएद हमीद ने ट्वीट किया कि 'यह रैली सिर्फ इसलिए की गई थी कि आम आदमी पार्टी अपने आप को किसानों का हमदर्द साबित कर सके।'
कृषएमयूएफसी याद दिलाते हैं कि 'एक आदमी ने केजरीवाल को थप्पड़ मार दिया तो सारे लोग जमा हो गए, पर एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली तो आम आदमी पार्टी के किसी कार्यकर्ता की नजर तक नहीं गई।'
प्रीति गांधी लिखती हैं, "ईश्वर सब देख रहा है। वह अरविंद केजरीवाल को इसकी सजा जरूर देगा।" गायत्री रेड्डी कहती हैं, "अरविंद केजरीवाल को शर्म आनी चाहिए। वे राजनेता हैं या माफिया गुंडा?"
सियासी फायदा?
पर इस मामले पर कुछ लोग आम आदमी पार्टी का बचाव करते भी दिखते हैं। हिमांशु मौर्य कहते हैं कि तमाम राजनीतिक दल इस आत्महत्या का राजनीतिक फायदा उठाने में लग गए हैं।
नीरज कहते हैं, "आम आदमी पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने उस शख्स को पड़े से उतारा, पुलिस तो बस देखती रही।" राहुल व्यास पूछते हैं, "जिस इंसान के पिता ने फसल ख़राब होने की वजह से घर से निकाल दिया, उसे रैली तक आने के लिए पैसे किसने दिए?"
राजनीतिक नाटक?
ओल्ड मंक याद करते हैं, जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद बनने से इंकार कर दिया था, इसी तरह एक आदमी ने पेड़ से लटक कर मरने की कोशिश की थी। कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के किसान विरोधी विधेयक की वजह से ही सारा विवाद खड़ा हुआ है।
कुछ दूसरे लोग यह अपील कर रहे थे कि कम से कम अब इस मुद्दे पर राजनीति बंद कर दी जानी चाहिए।