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'मंदिर का चप्पल चोर' राहुल कैसे बना मोस्ट वांटेड, पढ़ें पूरी कहानी

Sat, 06 Jun 2015 07:27 PM IST
Updated Sat, 06 Jun 2015 07:27 PM IST
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crime file of rahul khatta

पश्चिमी यूपी में जुर्म की दुनिया में बड़ा नाम कर चुके राहुल खट्टा ने अपराध की दुनियां में गांव से ही कदम बढ़ाया। पहले राहुल ने गांव में ही छोटे-छोटे अपराधों को अंजाम दिया, इसके बाद जिले में और फिर पूरी पश्चिमी यूपी में आतंक मचा दिया। हत्या, अपहरण और रंगदारी वसूलना ही उसका मुख्य उद्देश्य बन गया।

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बागपत के ग्राम खट्टा प्रह्लादपुर के रहने वाला राहुल दो भाइयों में छोटा था। वह शुरू से ही गांव में छोटी-छोटी वारदात करता रहा। गांव के लोगों का कहना है कि शुरू में वह गांव के मंदिर में प्रसाद और चप्पलों की चोरी करने लगा था। कई बार पकड़ा भी गया, लेकिन उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।
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इसके बाद कुछ अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ लिया और 2007 में बाइकें चोरी करने लगा। बाइक चोरी करने के मामले में राहुल खट्टा पकड़ा गया और उसे पुलिस ने जेल भी भेज दिया।

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पुलिस के लिए काम करते करते बना शातिर अपराधी

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जेल से आने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों से मेलजोल बढ़ा लिया। पहले वह लोनी पुलिस का मुखबिर बना और अपराधियों से जुड़े होने के कारण उसने पुलिस को कई अपराधियों की सूचनाएं दीं।

इससे वह पुलिस का खास बनता गया। पुलिस के लिए काम करते-करते वह पुलिस के कार्य करने की शैली से भी परिचित हो गया। इसके बाद राहुल ने पहली लूट को 2009 में अंजाम दिया। उसने सिंघावली अहीर क्षेत्र में विद्युत निगम के ठेकेदार से लूट की, लेकिन राहुल बालैनी थाना क्षेत्र में हुई लूट से चर्चा में आया।

सने 2013 में बालैनी हिंडन पुल पर पशु व्यापारियों से 14 लाख रुपये की लूट की। इसके बाद तो वह आगे बढ़ता ही चला गया। 31 जुलाई 2013 को हरचंदपुर गांव के ठेकेदार हनीफ की अहेड़ा फाटक के पास गोलियों से भूनकर हत्या की थी। यहां तक अपने गांव के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह की हत्या सिर्फ मुखबिरी के शक में की।

अपहरण और फिरौती का किया कारोबार

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हत्याओं का सिलसिला रोक कर राहुल ने अपहरण कर फिरौती वसूलने और रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया था। उसने 2013 में गाजियाबाद के पिलखुवा के ऋषि रमन का अपहरण किया।

2 नवंबर 2014 को गाजियाबाद के कविनगर के नवीन का धौलाना ईंट भट्ठे से अपहरण किया। आठ अगस्त 2014 को दिल्ली के भट्टा व्यापारी प्रवीन मित्तल का बड़ागांव भट्टे से लौटते समय अपहरण किया। उसके बाद 28 मार्च 2015 को बागपत के ठाकुरद्वारा मोहल्ला निवासी प्रदीप वर्मा का उनके शोरूम से अपहरण किया।

राहुल खट्टा ने गांव से अपराध की दुनियां में कदम रखा और पश्चिमी यूपी के साथ हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब में भी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया।

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