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ट्रनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े

Mon, 18 Mar 2013 10:16 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 18 Mar 2013 10:16 AM IST
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crime against women on the rise in trains

सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद रेलों में महिलाओं के साथ अपराध बढ़े हैं। बीते साल रेलों में बलात्कार, छेड़खानी और बदतमीजी की 200 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं हैं।

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रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार 2012 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 210 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 2011 में 127 मामले दर्ज किए गए थे।

वर्ष 2010 में यह तादात 85 थी। इनमें छेड़छाड़ की घटनाएं 2010 में 52 से बढ़कर 2011 में 72 हो गई। वर्ष 2012 में यह संख्या 119 हो गई। इसी तरह 2011 में तीन बलात्कार हुए जबकि 2012 में यह संख्या सात हो गई।
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इसी तरह महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं 2010 में 33 से बढ़कर 2011 में 52 हो गई। 2012 में ट्रेनों में दुर्व्यवहार की 84 घटनाएं हुईं।

छेड़छाड़ के मामले में दक्षिण रेलवे 45 घटनाओं के साथ आगे रहा जबकि इस मामले में दूसरे स्थान पर रहने वाले पश्चिम मध्य रेलवे में 19 मामले दर्ज किए गए।

दुर्व्यवहार के मामले में भी दक्षिण रेलवे अन्य जोनों की तुलना में आगे रहा। 2012 में यहां दुर्व्यवहार के 33 मामले दर्ज किए गए। दूसरे स्थान पर रहे दक्षिण मध्य रेलवे में 18 मामले दर्ज किए गए।
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मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार 2010 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि 2011 में यह संख्या 146 हो गई और 2012 में यह तादात 170 हो गई।

दूसरी ओर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने अनेक कदम उठाए हैं।

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