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श्मशान से पहुंच रहा है ताजमहल को नुकसान: जस्टिस कुरियन

Mon, 16 Nov 2015 05:55 AM IST
Updated Mon, 16 Nov 2015 05:55 AM IST
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Cremation is approaching to Taj Mahal Damage: Kurian

 ताजमहल की खूबसूरती पर संभावित खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज कुरियन जोसेफ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट को दखल देने के लिए कहा है। जस्टिस कुरियन ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि 17वीं शताब्दी की इस ऐतिहासिक धरोहर की सुंदरता पर कोई आंच न आए।

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भारत के प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू को पत्र लिखकर जस्टिस कुरियन ने कहा है कि पास स्थित श्मशान घाट से निकलने वाला धुआं ताजमहल पर असर डाल रहा है। इससे ताजमहल की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में तत्काल दखल देना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस विश्व धरोहर पर प्रदूषण का असर न पड़े।
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जस्टिस कुरियन के इस पत्र पर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर के अध्यक्षता वाली विशेष पीठ सोमवार को गौर करेगी। यह पीठ ताज ट्रेपेजियम जोन पर हरित पट्टी कायम रखने को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। करीब 30 वर्ष पूर्व पर्यावरणविद् एमसी मेहता द्वारा दाखिल इस याचिका पर अब तक अदालत कई निर्देश जारी कर चुकी है।

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रोज जलाए जाते हैं औसतन 20-25 शव

Cremation is approaching to Taj Mahal Damage: Kurian

जानकारी के मुताबिक जस्टिस कुरियन ने यह पत्र एक अक्तूबर को चीफ जस्टिस एचएल दत्तू को लिखा था। दरअसल, जस्टिस कुरियन अपने परिवार के साथ ताजमहल घूमने गए थे। ताजमहल के दर्शन के दौरान उन्होंने पाया कि बगल में श्मशान घाट है। उन्हें यह लगा कि शव जलाए जाने से होने वाले धुएं के कारण ताजमहल के सफेद संगमरमर को नुकसान पहुंच सकता है।

चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में जस्टिस कुरियन ने कहा है कि आगरा प्रशासन को श्मशान घाट को ताजमहल से दूर शिफ्ट करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। जस्टिस कुरियन को कुछ अधिकारियों ने बताया कि श्मशान घाट पर औसतन 20 से 25 शव रोजाना जलाए जाते हैं। बताया गया कि किसी-किसी दिन तो यह आंकड़ा 100 तक पहुंच जाता है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूर्व में कई बार श्मशान घाट को शिफ्ट करने की मांग की गई है। मालूम हो कि पुरातत्व विभाग का भी मानना है कि श्मशान घाट से निकलने वाले धुएं से ताजमहल पीला पड़ रहा है।

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