फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   cp joshi challenges

रेलवे में कई चुनौतियां कर रही हैं जोशी का इंतजार

Sun, 12 May 2013 10:56 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 12 May 2013 10:56 PM IST
विज्ञापन
cp joshi challenges

केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री सीपी जोशी ने दोबारा रेल मंत्रालय का अतिरिक्त दायित्व मिलने के बाद कार्यभार ग्रहण करने का कार्यक्रम सोमवार को तय किया है।

विज्ञापन


लेकिन वहां कई चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं जिन्हें टालना उनके लिए संभव नहीं होगा।

जोशी को कार्यभार संभालते ही सबसे पहले मंत्रालय के माहौल को दुरुस्त करना होगा क्योंकि वर्तमान में वहां कोई भी जिम्मेदार अफसर बड़ा फैसला लेने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन


जोशी को जल्द से जल्द रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन का नाम भी तय करना होगा क्योंकि 30 जून को वर्तमान चेयरमैन रिटायर होने जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस के यूपीए सरकार से अलग होने के बाद तत्कालीन रेलमंत्री मुकल राय ने जब इस्तीफा दिया था तो सीपी जोशी को पहली बार रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में मंत्रिमंडल विस्तार में यह मंत्रालय पवन कुमार बंसल को दे दिया गया। अब बंसल की विदाई के बाद एक बार फिर जोशी को ही रेल मंत्रालय दिए जाने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि रेलवे जोशी के पास आगे भी बना रहेगा।

ऐसे में इस बार रेल मंत्रालय की चुनौतियों को वे बाद में आने वाले किसी मंत्री के लिए अनसुलझा नहीं छोड़ सकेंगे।

रेलवे बोर्ड में मेंबर स्टाफ के पद पर महेश कुमार की नियुक्ति में घूस कांड की सीबीआई जांच का दायरा अभी और बढ़ने की उम्मीद है।

वर्तमान सीआरबी विनय कुमार मित्तल, डीजी आरपीएफ पी.के. मेहता, रेलवे बोर्ड के सेक्रेटरी, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सहित बोर्ड के आधा दर्जन अन्य सीनियर अधिकारियों से सीबीआई जल्द ही पूछताछ कर सकती है।

सीबीआई जांच के दौरान रेलवे के किसी अधिकारी से रेलवे में बड़े फैसला लिए जाने की उम्मीद नहीं है ऐसे में सीपी जोशी को रेल मंत्रालय में अगले कुछ महीने काम करने में काफी मुश्किलें खड़ी होंगी।


यही नहीं अगले कुछ दिनों में रेलवे के वित्त नियंत्रण अधिकारी भी अवकाश प्राप्त करने वाले हैं। रेलमंत्री के रूप में जोशी को तत्काल नये वित्त नियंत्रक की भी नियुक्ति करानी होगी।

दूसरे कार्यकाल में जोशी की क्या प्राथमिकताएं रहेंगी तथा इन चुनौतियों का वे कैसे सामना करेंगे यह जानने के लिए सोमवार तक इंतजार करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed