मोदी की शादी बनी बवाल, कोर्ट सख्त
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के विवाह का मामला अदालत पहुंच गया है। चुनावी हलफनामे में विवाह का तथ्य छिपाने के मामले में अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इस संबंध में जांच कराने के लिए पुलिस से मामला दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, जिसके बाद कार्यकर्ता ने बुधवार को कोर्ट में आवेदन किया।
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी वडोदरा और वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वडोदरा में दाखिल अपने हलफनामें में मोदी ने जसोदाबेन को अपनी पत्नी बताया है। मोदी ने इससे पहले चार बार विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन विवाह के संबंध में कभी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। मोदी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
आप ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता निशांत वर्मा ने नरेंद्र मोदी पर चुनावी हलफनामें में तथ्य छिपाने के मामले में जांच के लिए अहमदाबाद की स्थानीय अदालत में बुधवार को आवेदन दाखिल किया था।
निशांत के आवेदन पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएम शेख ने पुलिस को मामले की जांच की स्थिति रिपोर्ट तीन सप्ताह में पेश करने को आदेश दिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में शपथ पत्र में विवाह के बारे में स्पष्ट जानकारी न देने के मामले में निशांत ने मोदी के खिलाफ मामला दर्ज कराने रनिप पुलिस थाना गए थे।
वर्मा ने 2012 में मणिनगर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर रहे पीके जडेजा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, जिसके बाद निशांत को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।