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मारन बंधुओं को बतौर आरोपी समन जारी

Wed, 29 Oct 2014 11:12 PM IST
Updated Wed, 29 Oct 2014 11:12 PM IST
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court issue samman to maran brothers in aircel-maxis case.

अदालत ने टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले से जुड़े एयरसेल-मैक्सिस सौदे में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि सहित आठ को बतौर आरोपी समन जारी किए हैं।

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आरोपियों में मलयेशिया के नामी उद्योगपति टी आनंद कृष्णन भी शामिल हैं। पटियाला हाउस स्थित कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को ये समन जारी किए।
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अदालत ने सभी आरोपियों को 2 मार्च 2015 को पेश होने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश सैनी ने कहा कि पेश एफआईआर, आरोप पत्र, गवाहों के बयानों और संबंधित अन्य दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद वे मानते हैं कि इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ  मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
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अदालत ने मारन बंधुओं और टी आनंद कृष्णन के अलावा मैक्सिस समूह के आला अधिकारी आगस्तस राल्फ मार्शल और चार कंपनियों सन डायरेक्ट टीवी प्राइवेट, लिमिटेड मैक्सिस कम्युनिकेशंस बेरहाद एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क पीएलसी और साउथ एशिया इंटरटेनमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड को समन जारी किए हैं।

आरोपियो को कोर्ट में पेश होने में लगेगा चार माह का समय

court issue samman to maran brothers in aircel-maxis case.

अदालत ने अपने दो पृष्ठ के आदेश में सीबीआई की और से पेश वरिष्ठ सरकारी वकील केके गोयल की इस दलील को मान लिया कि समन तामील कराने के लिए कम से कम चार माह का वक्त दिया जाए क्योंकि आठ में से पांच अभियुक्त मलेशिया, मारीशस और ब्रिटेन जैसे विभिन्न देशों में रह रहे हैं। तीन अभियुक्त चेन्नई के हैं।

अदालत ने 13 अक्तूबर को इस मामले में अपना फैसला आज के लिए स्थगित कर दिया था। जिरह के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया कि इस मामले में जांच दूसरे देशों तक फैली है और आरोपियों के खिलाफ  मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत हैं। सीबीआई ने मामले में आरोप पत्र 29 अगस्त का दाखिल किया था।

आरोप पत्र में 151 गवाह बनाए गए है और 655 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। सीबीआई का आरोप है कि दयानिधि मारन ने बतौर मंत्री 2006 में चेन्नई की दूरसंचार कंपनी के प्रवर्तक सी. शिवशंकरन को एयरसेल और दो अनुषंगी कंपनियों के शेयर मलेशिया के मैक्सिस समूह को बेचने के लिए मजबूर किया था।

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