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देश के सबसे जानलेवा हाईवे यूपी और हरियाणा में

Wed, 28 Nov 2012 07:52 PM IST
नई दिल्ली/अजीत सिंह
नई दिल्ली/अजीत सिंह Updated Wed, 28 Nov 2012 07:52 PM IST
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country most deadly highway in uttar pradesh and haryana

अलीगढ़ जिले में नेशनल हाईवे नंबर 92 पर स्थित कायमपुर मोड़ को शायद ही कोई नक्शे पर खोज पाए, लेकिन इस मोड़ पर साल भर में 169 लोग अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। यही हाल गुड़गांव के हीरो होंडा चौक का है जहां पिछले साल सड़क हादसों में 105 लोगों की जान गई। ऐसे ‘ब्लैक स्पॉट’ की फेहरिस्त में यूपी और हरियाणा की सड़कें सबसे जानलेवा नजर आती हैं। देश के 13 राज्यों में 25 सबसे खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान करने के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यहां हादसे टालने में जुटा है।

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हर साल देश में एक लाख से ज्यादा लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। मंत्रालय की ओर से 13 राज्यों में सबसे अधिक दुर्घटना की आशंका वाली 325 जगहों की पहचान करने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इनमें से 70 फीसदी ‘ब्लैक स्पॉट’ राष्ट्रीय राजमार्गों पर हैं। यूपी और हरियाणा के 5 ‘ब्लैक स्पॉट’ पर वर्ष 2011 के दौरान सड़क हादसों में 500 लोग मारे जा चुके हैं। अलीगढ़ के अलावा यूपी में ये ‘ब्लैक स्पॉट’ मथुरा, उन्नाव, फिरोजाबाद, मुरादाबाद और कानपुर में हैं।
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नेशनल हाईवे नंबर दो पर सफर करना कितना जोखिम भर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस पर हरियाणा में 7 और यूपी में 5 ब्लैक स्पॉट हैं और यहां 300 से ज्यादा लोग सड़क हादसों के शिकार हो चुके हैं। इस हाईवे पर मथुरा में जयगुरुदेव आश्रम के पास 100 लोगों की जानें गई हैं।
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हरियाणा में सड़कों की हालत यूपी से भले बेहतर हो, लेकिन वे कम जानलेवा नहीं हैं। हरियाणा के 25 में से 13 ‘ब्लैक स्पॉट’ सिर्फ तीन जिलों- गुड़गांव, फरीदाबाद और पानीपत में हैं। इनमें सबसे ज्यादा हादसे गुड़गांव में नेशनल हाईवे नंबर 8 पर हीरो होंडा चौक और राजीव चौक पर होते हैं।

इन खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट’ को सुरक्षित बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी ने अधिकारियों को विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की गई ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान में हादसों के कारणों का भी पता लगाया गया है।

‘ब्लैक स्पॉट’ और कारणों की पहचान के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआई) और मंत्रालय ने इन्हें दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट और बेहतर निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।


क्या हैं ब्लैक स्पॉट
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में उन जगहों को ‘ब्लैक स्पॉट’ बताया है, जहां सड़कों पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं या दुर्घटनाओं की आशंका सर्वाधिक है।

आंकड़े
- 325 ब्लैक स्पॉट हैं तेरह राज्यों में
- 70 फीसदी ‘ब्लैक स्पॉट’ राष्ट्रीय राजमार्गों पर
- एक लाख लोग देश में मारे जाते हैं हर साल सड़क दुर्घटनाओं में

हादसों की वजहें
- खराब और तंग सड़कें
- गलत साइड से ट्रेफिक आना
- स्पीड ब्रेकर न होना
- तीव्र या अंधे मोड़
- रोड डिवाइडर न होना

जानलेवा ब्लैक स्पॉट
अलीगढ़-कायमपुर मोड़ :: 169 मौत
गुड़गांव-हीरो होंडा चौक :: 105
मथुरा-जयगुरुदेव आश्रम :: 100
फिरोजाबाद-टूंडला :: 60
सोनीपत-बहालगढ़ चौक :: 66

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