जेठमलानी SC में बोले, कालेधन पर देश से धोखा कर रही है सरकार
जानेमाने वकील राम जेठमलानी ने काले धन के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार की खिंचाई की है। राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार इस बारे में देश के साथ धोखा कर रही है।
जेठमलानी ने सरकार के वादे को भ्रम बताया है। उन्होंने कहा कि काले धन को वापस लाने में सरकार के कदम अप्रभावी साबित हो रहे हैं। इस दौरान कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी भी मौजूद थे और उन्होंने भी इसका समर्थन किया।
जेठमलानी ने कहा कि काले धन के मामले में फंसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मंशा सरकार में नहीं दिख रही है, क्योंकि उनमें से बहुत लोग ताकतवर हैं और सत्ता के करीब भी।
चार सप्ताह के भीतर जवाब दे सरकार
मुख्य न्यायाधीश, एच एल दत्तू, न्यायाधीश मदन बी लोकुर तथा न्यायाधीश ए.के सीकरी की पीठ ने जेठमलानी से कहा कि उनकी अधिकतर मांगों पर कार्रवाई की जा रही। इन मांगों पर कार्रवाई या तो सर्वोच्च न्यायलय कर रहा या फिर एसआईटी।
हलांकि, कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि जेठमलानी और स्वामी द्वारा दिए गए दो आवेदनों पर गौर करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
जेठमलानी ने अपने आवेदन में सरकार के पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं लेकिन अपनी बहस में उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
यूपीए की तर्ज पर काम कर रही है एनडीए
जेठमलानी ने कहा कि ये सरकार भी पूर्व की यूपीए सरकार की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनावी संबोधनों के दौरान लोगों से वादा किया था कि काला धन वापस आएगा, लेकिन भाजपा के अध्यक्ष ने इसे एक चुनावी जुमला तक करार दे दिया था।
जेठमलानी ने कहा कि काले धन से संबंधित इस सरकार ने भी उन्हीं अधिकारियों को उस पद पर बनाए रखा जो पिछली सरकार में काला धन लाने में रोड़ा थे।
उन्होंने वित्त मंत्री अरूण जेटली को निशाने पर लेते हुए कहा कि तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद को बताया था कि भारत ने 40 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान की है जहां लोगों का काला धन जमा है लेकिन इस सरकार ने संसद में कहा कि ऐसा किसी भी जगह की पहचान नहीं की गई है।