मोदी की आंधी में उड़े सभी, भाजपा अपने बूते बहुमत तक
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कांग्रेस के साथ सेक्युलर दलों का एक मोर्चा तैयार करने की भी बात है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव दिल्ली आ पहुंचे हैं।
वामदल भी नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए कांग्रेस के साथ पींगें बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मोदी को रोकने के लिए सेक्युलर मोर्चे का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने की चर्चा शुरू हो गई है। अटकलों का बाजार गरम है। इंतजार शुक्रवार का है।
मतगणना के लिए करीब दस लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। साथ ही साढे़ पांच लाख सुरक्षाकर्मी ईवीएम की निगरानी करेंगे। मतगणना केंद्र से 550 मीटर के दायरे को सील कर दिया जाएगा। पूरी मतगणना की वीडियो रिकार्डिंग भी होगी।
दोपहर तक साफ हो जाएगी लोकसभा की तस्वीर
क्या कांग्रेस की यूपीए सरकार से सत्ता छिनेगी और क्या नरेंद्र मोदी के सिर पर दिल्ली का ताज सजेगा। इन सवालों पर बना सस्पेंस शुक्रवार को खत्म हो जाएगा।
चुनावी सर्वेक्षणों से लेकर गली-गली, कार्यालय, दुकान, बाजार, शहर, गांवों और सोशल मीडिया में अब की बार मोदी सरकार की चौतरफा गूंज के बीच कांग्रेस को अब सिर्फ चमत्कार की उम्मीद है।
शुक्रवार को जब इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन खुलेंगी तो दोपहर बाद नई सरकार के साथ ही देश की तस्वीर और तकदीर का फैसला हो जाएगा।
कांग्रेस का भी बी प्लान तैयार है
चुनाव नतीजों से पहले ही भाजपा ने सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। एनडीए की सीटों की संख्या अगर 272 के जादुई आंकड़े से कम बैठती है तो समर्थन जुटाने के लिए टीआरएस, बीजेडी, अन्नाद्रमुक जैसे दलों से बात करने के विकल्प खुले रखे गए हैं।
हालांकि कई दल एनडीए से संबंध रखने के विकल्पों को नकार रहे हैं। मगर नतीजे आने के बाद ही ये दल अपने पत्ते खोलना चाहते हैं।
उधर कांग्रेस का भी बी प्लान तैयार है।
8251 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा
सीटें कम मिलने की स्थिति में जहां एक तरफ विपक्ष में बैठने के विकल्प के साथ ही पार्टी का एक तबका सीटों की संख्या 130 से ऊपर आने की स्थिति में प्लान बी तैयार कर रहा है।
इसमें तीसरे मोर्चे के घटक दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने के विकल्पों पर दिमागी मशक्कत चल रही है।
वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से ही शुरू हो जाएगी। कुल 8251 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। चुनाव आयोग ने देशभर के कुल 989 मतगणना केंद्रों में गिनती की प्रक्रिया के काम को अंजाम देने के लिए 1163 पर्यवेक्षकों को तैनात किया है।
सबसे पहले डाक मत पत्रों की गिनती होगी
सबसे पहले डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होगी। फिर ईवीएम में बंद उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा खुलना शुरू होगा। सीटों के रुझान सुबह नौ बजे से मिलने शुरू हो जाएंगे।
जबकि दोपहर तक राष्ट्रीय रुझान की तस्वीर साफ होने लगेगी। दोपहर बाद इस बात से सस्पेंस खत्म हो जाएगा कि क्या यूपीए से सत्ता छिनेगी और क्या वास्तव में मोदी के सिर दिल्ली का ताज सजेगा।
चुनाव नतीजों पर सबकी नजरें होंगी
चुनाव नतीजों पर सबकी नजरें होंगी। शेयर बाजार नई सरकार की उम्मीद में उछाल मारने के लिए बेकरार है। तो देश का युवा नौकरियों और विकास की उम्मीद कर रहा है।
आम लोग महंगाई, भ्रष्टाचार, रोजगार, सड़क के रूप में विकास के पहिये को तेजी से घूमता देखना चाह रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा तीसरे मोर्चे के घटक दलों ने भी चुनाव नतीजों को ध्यान में रखते हुए सभी विकल्प खुले रखे हैं।
अगर कोई भी गठबंधन 272 के जादुई आंकड़े के आसपास नहीं पहुंचता है तो जोड़ तोड़ की राजनीति शुरू होगी और ऐसी स्थिति बनी तो अगली सरकार के गठन में देरी हो सकती है।