{"_id":"03ec104bf1be948a51a4b4f6ad13e761","slug":"cough-syrup-crisis-in-ghaziabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौन कर रहा है देश से खांसी के सीरप गायब?","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
कौन कर रहा है देश से खांसी के सीरप गायब?
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 13 Jan 2014 11:37 AM IST
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देश के बाजार से दिसंबर माह में एक प्रमुख कंपनी की खांसी की दवा की एक लाख बोतलें गायब हो गईं हैं। सीरप में उपलब्ध साल्ट कोडिन फास्फेट और क्लोरोफिनेरामाइन के ज्यादा प्रयोग से नशा होता है। इसका प्रयोग नशे के लिए किया जा रहा है।
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बांग्लादेश के रास्ते इसकी विदेशों को तस्करी होने की जानकारी बीएसएफ से मिलने पर नारकोटिक्स विभाग ने जांच शुरू कर दी है। बीएसएफ की सूचना के बाद हरकत में आए नारकोटिक्स अफसरों को दिसंबर माह में ही एक लाख कफ सीरप गायब होने की जानकारी सूत्रों से मिली। इससे अफसरों में हड़कंप मच गया।
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यह है मामला
एक प्रमुख दवा निर्माता कंपनी की यह खांसी की प्रभावी दवा है। इसका ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने से शराब जैसा नशा होता है। शराब की तुलना में यह सस्ता होता है और नशा ज्यादा करता है। इसका प्रयोग नशे के रूप में किया जाता है।
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बांग्लादेश के रास्ते विदेशों में तस्करी होने का मामला जुलाई 2012 में पहली बार बांग्लादेश सीमा पर बसीरहाट, गाईघाटा और स्वरूपनगर में बीएसएफ ने 36119 बोतल कफ सीरप पकड़ा था।
यह है हालिया स्थिति
दिसंबर माह में देश के बाजार से करीब एक लाख खांसी की दवा की बोतलें गायब हो गईं। डायरेक्टर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हैदराबाद की जांच में इनकी तस्करी होने की आशंका प्रकट की गई। इस पर सक्रिय हुए अफसरों ने जांच शुरू कर दी।
सीरप की तस्करी देश में दवा कारोबार से जुड़े किसी व्यक्ति के संरक्षण में की जा रही है, क्योंकि कंपनी वैध डिस्ट्रीब्यूटर या होलसेलर के अलावा किसी को इसकी बिक्री नहीं करती है।
यह हुई कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर ने एक जनवरी 2014 को औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी एएल आर्या से मिलकर इस कफ सीरप की खरीद-बिक्री की जांच में सहयोग करने को कहा।
6 जनवरी को सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को पत्रांक संख्या ड्रग/1590/33 आदेश जारी कर कफ सीरप की खरीद-बिक्री का रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा है। देशभर में इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर और प्रवक्ता आरपी सिंह ने बताया कि मामला गंभीर और गोपनीय है। अभी जांच शुरू हुई है। अभिलेखों की जांच के बाद तस्करी के केंद्र का पता चल सकेगा। जांच में ड्रग इंस्पेक्टरों को भी लगाया गया है।
गाजियाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर दीपक शर्मा का कहना है कि नारकोटिक्स अफसर 10 जनवरी को यहां आए थे। उनके साथ मिलकर संबंधित कंपनी के (सी एंड एफ) क्षेत्रीय वितरण का तीन माह का रिकार्ड कब्जे में लिया गया है। रिकार्ड में जिन डिस्ट्रीब्यूटर को दवा बेचना दिखाया गया है, उनके यहां जांच के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। नारकोटिक्स अफसर लगातार संपर्क में हैं।