फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Corruption Amendment Act referred to Committee

भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन अधिनियम प्रवर समिति को भेजा

Tue, 08 Dec 2015 01:29 AM IST
Updated Tue, 08 Dec 2015 01:29 AM IST
विज्ञापन
Corruption Amendment Act referred to Committee

बहुप्रतीक्षित भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन विधेयक को राज्यसभा में सर्वसम्मति से प्रवर समिति को भेज दिया गया। ऐसा समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल के सुझाव पर किया गया। अग्रवाल ने कहा कि इस विधेयक में कई बिंदुओं पर और स्पष्टता से साथ पुनर्विचार जरूरी है, इसलिए राज्यसभा में चर्चा से पहले इस संशोधन विधेयक को प्रवर समिति को चर्चा के लिए भेजा जाए।

विज्ञापन


राज्यसभा में चर्चा शुरू होते ही नरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार बिल में संशोधन के जरिये जो शक्तियां देना चाहती है, वह पहले से ही सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल को दे दी हैं। ऐसे में जब सभी शक्तियां लोकपाल को है और वह सभी निर्णय लेगा तो इसकी प्रासंगिकता क्या रह जाएगी। इसलिए बिल को प्रवर समिति को भेज देना चाहिए।
विज्ञापन


यह विधेयक राज्यसभा में लंबे समय से अटका हुआ है। अगर इस संशोधन विधेयक को मंजूर कर लिया जाता है तो घूस लेने और देने वालों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सजा के प्रावधान को पांच साल से बढ़ाकर सात साल करने का प्रस्ताव है। साथ ही कई नए प्रावधान भी हैं। तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विधेयक को लेकर अपनी गंभीरता जता चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार के लिए अहम विधेयक

Corruption Amendment Act referred to Committee

सरकार के लिए यह एक अहम विधेयक है क्योंकि विधेयक पारित होने के बाद सरकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में विलंब नहीं हो सकेगी। वहीं सरकारी महकमे में  कर्मचारी ईमानदारी से काम कर सकेंगे और बेईमानों पर नकेल कसी जा सकेगी। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में चर्चा के जरिये यह देखना होगा कि सहमति किस तरह की बन रही है।

कितना अधिकार लोकपाल को दिया जाए और कितने अधिकार सरकार के पास रहे। इस पर नरेश अग्रवाल ने कहा कि प्रवर समिति से पहले यहां चर्चा कर राज्यसभा के समय को बर्बाद किया जा रहा है। अग्रवाल के इस प्रस्ताव पर ज्यादातर सदस्यों ने सहमति जताई। इस पर उपसभापति पीजे कुरियन ने कहा कि सदन की भावना को ध्यान में रखते हुए विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाएगा।

यह भी स्पष्ट किया गया कि समिति में सभी को साक्ष्य देने के लिए बुलाया जाएगा। कांग्रेस के नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को जबरन भ्रष्टाचार के मामले में फंसाया जाता है तो क्या होना चाहिए? इस पर चर्चा और समीक्षा की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed