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रिश्वतखोर सावधान: फेसबुक खोलेगा पोल

Mon, 18 Aug 2014 07:11 PM IST
Updated Mon, 18 Aug 2014 07:11 PM IST
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corrupt officer's profile will be posted on facebook.

आजकल आम जनता से जुड़ने के लिए कई सरकारी महकमे खुद को सोशल नेटवर्किंग साइट्स से जोड़ने में लगे हुए हैं। यह प्रयास कितना सफल या असफल है यह कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इन महकमों की पहल ने सरकारी अमले की नींद उड़ा दी है।

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भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और दोषियों को शर्मिंदा करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने फेसबुक पर एक विशेष पेज लांच करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत जो लोग रिश्वत लेते पकड़े जाएंगे, उनकी फोटो फेसबुक के इस पेज पर पोस्ट कर दी जाएगी।
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पुलिस महानिदेशक (एसीबी) प्रवीण दीक्षित ने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने और लोगों तक पहुंचने के लिए हम एक हफ्ते के भीतर फेसबुक का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। इस पेज पर आरोपियों की तस्वीर के साथ रिश्वत की रकम व बरामद अन्य दस्तावेजों की जानकारी पोस्ट की जाएगी।’
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एसीबी पिछले दो महीने से अपनी वेबसाइट पर भ्रष्टाचार में पकड़े जाने वाले लोगों की तस्वीर डाल रहा है। इस साल 16 अगस्त तक एसीबी द्वारा बिछाए गए 744 जाल में फंसे 1009 सरकारी कर्मचारी और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि पिछले साल इस समय सीमा के दौरान 452 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

आरोपी की छवि होगी खराब

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एक अन्य अधिकारी ने फेसबुक पेज शुरू करने के पीछे की मंशा का जिक्र करते हुए कहा, ‘इसके पीछे सीधा सा कारण गिरफ्तार आरोपी की छवि को खराब करना है ताकि वह फिर किसी से रिश्वत न ले सके।’

पुलिस का कहना है कि अगर आरोपी की तस्वीर सोशल नेटवर्किंग साइट पर डाली जाएगी, तो वह अपने परिवार व दोस्तों के सामने शर्मिंदा होगा और भविष्य में रिश्वत नहीं लेगा।

आगे पढ़िए, कैसे वाट्सएप और फेसबुक पर खुल रही है लापरवाह और भ्रष्ट पुलिस वालों की पोल

वॉट्सऐप का धमाल, उड़ी दिल्ली पुलिस की नींद

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आम लोगों की सुव‌िधा के ‌लिए दिल्ली पुलिस ने हफ्तेभर पहले ही वॉट्सऐप सेवा लॉन्च की थी। उन्हें भी इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा ‌क‌ि इस ऐप की गाज सबसे पहले द‌िल्ली पुल‌िस पर ही ग‌िरेगी। ऐप लॉन्च होने के एक हफ्ते के भीतर ही पांच पुल‌िस वाले घूस लेने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ ‌इंडिया में छपी खबर के अनुसार दिल्ली पुलिस के सतर्कता विभाग ने इन आरोपी पुलिसवालों को तब पकड़ा जब कुछ आम नागरिकों ने इन घूसखोरों की वीडियो बनाकर इन्हें दिल्ली पुलिस के बताए वॉट्सऐप नंबर पर भेजा, जिसमें ये रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं।

जांच में सभी वीड‌ियो असली पाए गए

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पुलिस के अनुसार उन्हें वॉट्सऐप के नंबर 9910641064 पर दो वीडियो और एक ऑडियो क्लिप मिली है। इन ‌सभी में पुलिसवाले रिश्वत मांगते और लेते पाए गए हैं। डीसीपी सिंधु पिल्लई के अनुसार, पुलिस ने इन क्लिप्स के मिलने के बाद इनकी सच्चाई का पता लगाने के लिए एक टीम बनाई।

टीम की जांच में ये सभी वीडियो फुटेज असली साबित हुए और आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पहले वीडियो फुटेज में हिम्मत गढ़ में तैनात एएसआई को पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म को क्लियर करने के लिए पैसे मांगते दिखाया गया है। इस घटना के बाद शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग को इस बारे में लिखित शिकायत भी दी थी।

एएसआई की आवाज की ‌रिकॉर्ड

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शिकायतकर्ता के अनुसार हौज काजी पुलिस स्टेशन के एएसआई तुकी सिंह ने 400 रुपए लिए थे। शिकायतकर्ता ने एएसआई को घूस देते वक्त की बातचीत रिकॉर्ड कर ‌ली थी। दूसरी घटना में शिकायतकर्ता ने 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी है, जिसमें कुछ पुलिसवाले शिकायतकर्ता से पश्चिमी दिल्ली के रंजीत नगर में एक दुकान चलाने के‌ लिए घूस मांग रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने इन सभी बातों को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया था। ‌रिकॉर्डिंग में ये सामने आया है कि कांस्टेबल संतराम ने शिकायतकर्ता के कर्मचारी से 1000 रुपए मांगे थे, जबकि उनकी डील 800 रुपए में हुई।

फेसबुक पर लगी फोटो, आफत में आया पुलिस वाला

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नोएडा की सड़कों पर खुद पुलिस वाले ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लापरवाही का ऐसा ही मामला सामने आया है। सड़क पर नियम तोड़ता हुआ एक ट्रैफिक पुलिस का सिपाही फेसबुक के फंदे में फंस गया। एसपी ट्रैफिक के आदेश पर इसकी पहचान की गई और चालान काट दिया गया।

जनता के बीच अपनी पहुंच बनाने के लिए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने फेसबुक का फार्मूला अपनाया है। ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज को जनता का अच्छाखासा रेस्पांस मिल रहा है।

स‌िपाही को कैमरे में कैद कर क‌िया फेसबुक पर अपलोड

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शिकायतों के अलावा लोगों के सुझाव ट्रैफिक पुलिस को मिल रहे हैं। लेकिन शनिवार को फेसबुक का फॉर्मूला एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर ही भारी पड़ गया। एक फेसबुक यूजर ने पांच अगस्त को सेक्टर-21 के आसपास एक सिपाही को ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए कैमरे में कैद किया था।

इसकी तीन तस्वीरें ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज पर अपलोड कर दी गईं। इसके बाद इस पुलिस वाले की हरकत जग जाहिर हो गई। न तो उसने हेलमेट लगाया था और न ही उसे ट्रैफिक सिग्नल की परवाह थी।

पु‌ल‌िस वाले का काटा 300 का चालान

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फेसबुक पर अपलोड तस्वीरों के आधार पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी की पहचान सिपाही अजय कुमार के रूप में हुई है। एसपी ट्रैफिक के आदेश पर शनिवार को इस लापरवाह सिपाही का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काट दिया गया।

मौके पर ही 300 रुपये जुर्माना वसूला गया। ट्रैफिक पुलिस ने सिपाही पर की गई कार्रवाई के बारे में फेसबुक पर अपडेड कर दिया है।

इस घटना पर एसपी ट्रैफ‌िक आरएन म‌िश्र ने कहा क‌ि सड़क पर किसी की भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वो पुलिसवाला ही क्यों न हो। दोषी सिपाही का चालान काटने के साथ चेतावनी भी दी गई है।

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