झील को भी हजम कर गया 50 करोड़ी लेखपाल
यूपी के जानसठ में लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवकुमार गोयल ने जमीनों की बंदरबांट में स्कूल के अपने सहपाठी को भी नहीं बख्शा। सहपाठी का नाम खतौनी में अंकित कर दिया। इसकी दोस्त को कानों कान भनक तक नहीं लगी। बाद में जमीन को वसीयत के आधार पर अपने बेटे के नाम दर्ज करा लिया। बेटे से उसके साले के नाम बैनामा करा दिया गया। देर रात एडीएम जांच पड़ताल करने सहपाठी के घर पहुंचे। सहपाठी को फर्जीवाड़ा का पता चला तो वह भी दंग रह गया।
रविवार की देर रात एडीएम रामकिशन शर्मा सेवानिवृत्त लेखपाल शिवकुमार के कारनामों की जांच पड़ताल करने गांव भलेड़ी में राजेंद्र सैनी के घर पहुंचे। एडीएम ने बताया कि सेवानिवृत्त लेखपाल शिवकुमार ने अपने कार्यकाल में खतौनी 1400 से लेकर 1405 फर्जी तरीके से तैयार की। गांव सीकरी की तैयार की गई फर्जी खतौनी में शिवकुमार ने स्कूल के अपने सहपाठी रहे गांव भलेड़ी निवासी 65 वर्षीय राजेंद्र सैनी का 13 बीघा जमीन में नाम अंकित करा दिया था, जबकि यह जमीन आज तक झील में ही है। सहपाठी को भी उसके नाम जमीन दर्ज होने का पता नहीं चल सका था।
इसके बाद शिवकुमार ने फर्जी तरीके से सन् 2007 में इस जमीन को अपने बेटे राहुल एडवोकेट के नाम विरासत दर्ज करा दी थी। इसके बाद राहुल से 21 अप्रैल 2012 में उसके साले शामली निवासी मोहित के नाम इस जमीन का बैनामा करा दिया। एडीएम की इस फर्जीवाड़े की बात सुनकर आंखों से अंधा राजेंद्र सैनी दंग रह गया। एडीएम ने बताया कि इस जमीन का दाखिल खारिज भी नहीं हो सका है।
झील से भी गहरे राज
सीकरी झील को ही शिवकुमार ने हजम कर दिया। कागजों में झील दर्ज होने के बाद भी फर्जी खतौनी तैयार की।
झील की जमीन को सामान्य जमीन दर्शाकर अपने दोस्त के नाम कागजों में दिखा दिया। जब वसीयत पर खतरा दिखाई दिया तो बैनामा करा दिखा दिया। लेखपालों का यह नेता झील से भी गहरा पहुंच गया।
पिता पर लगे आरोप बेबुनियाद: राहुल
जमीन घोटाले में फंसे सेवानिवृत्त लेखपाल शिवकुमार के बेटे राहुल गोयल एडवोकेट का कहना है कि गांव भलेड़ी निवासी राजेंद्र सैनी पुत्र आसाराम की जमीन कभी भी उनके परिजनों के नाम नहीं रही है। न्यायालय में वाद चला तो राजेंद्र सैनी की जमीन पर एसडीएम जानसठ ने दो माह पूर्व राज्य सरकार में इस जमीन को निहित करने के आदेश पारित कर दिए थे। मौजूदा खतौनी में इस तरह का आदेश अंकित है। राहुल का कहना है कि उनके और उनके पिता पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। प्रशासन बदले की भावना से काम कर रहा है।