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भ्रष्टाचार से तंग सिपाही ने की सशर्त इस्तीफे की पेशकश
उरई(जालौन)/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Sep 2012 10:25 AM IST
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उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में सोमवार को भ्रष्टाचार का एक मामला प्रकाश में आया। एक सिपाही ने डयूटी लगाने के नाम पर एसपी कार्यालय के रीडर पर एक हजार रुपए या शराब की दो बोतलों की मांग का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। उसने डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र देकर रीडर के खिलाफ कार्रवाई करने या इसी पत्र को इस्तीफा मानकर कार्यमुक्त करने की पेशकश की। उधर, इस बावत एसपी आरपी चतुर्वेदी का कहना है कि शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जालौन जिला के थाना नदीगांव में तैनात सिपाही रामकृपाल ने बताया कि उसने मऊरानीपुर (झांसी ) जलविहार मेला में ड्यूटी लगाने के लिए आवेदन किया था। वह स्वयं एसपी के सामने पेश हुआ था। एसपी ने अपने रीडर एके सिंह को ड्यूटी लगाने का मौखिक आदेश दिया था। सोमवार को वह रीडर एके सिंह से मिला और ड्यूटी कार्ड मांगा तो उन्होंने अपने मुंशी श्रीराम से बात करने की बात कही। जब वह मुंशी से मिला तो उन्होंने एक हजार रुपए नकद या दो बोतल शराब की मांग की। जब उसने मना किया तो उन्होंने कहा कि थाने जाओ, ड्यूटी नहीं लगेगी।
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यह सुनकर सिपाही सकते में आ गया और उसने डीएम मनीषा त्रिघाटिया को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा एसपी आरपी चतुर्वेदी से मिलकर उन्हें पूरी बात बताते हुए रीडर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही सशर्त इस्तीफा भी दे दिया। रामकृपाल ने कहा कि अगर रीडर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो पत्र को इस्तीफा मानते हुए उसे सेवा से कार्यमुक्त किया जाए।
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इस संबंध में एसपी ने कहा कि आरोप की जांच करेंगे, लेकिन किसी को इस्तीफा देने से रोक नहीं सकते हैं। नौकरी मर्जी से की जाती है। रिश्वत के आरोपों से घिरे रीडर एके सिंह ने कहा कि उन्होंने ड्यूटी लगाने के नाम पर किसी से कोई रिश्वत नहीं मांगी है। उन पर लगे आरोपों की जांच कर ली जाए तो मामला साफ हो जाएगा।