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धर्मांतरण कर 17 मुस्लिमों को बनाया हिंदू

Sat, 27 Dec 2014 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 27 Dec 2014 10:56 PM IST
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conversion in agra region.

आगरा में वेदनगर के बाद अब मलपुरा थाना क्षेत्र के गांव डावली में क्रिसमस की शाम एक मुस्लिम परिवार के विधि-विधान से हिंदू धर्म अपनाने का मामला सामने आया है। धर्मांतरण करने वाले इस संयुक्त परिवार में तीन पीढ़ियों के 17 सदस्य शामिल हैं। जांच के लिए गए सीओ और एसडीएम से भी परिवार ने स्वेच्छा से धर्म अपनाने की बात कही है। लेकिन इन लोगों ने धर्मांतरण के बाद रखे गए बताए हिंदू नाम से मतदाता परिचय पत्र कई माह पहले ही बनवा लिए थे। इससे सभी दावे संदेह के घेरे में आ गए हैं।

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डावली के मजरा रठिया में रहमत पुत्र महताब और उनके चार बेटे पेशे से मजदूर हैं। परिवार में उनकी और तीन बेटों की पत्नियां हैं। बेटों के कई बच्चे हैं। चौथा बेटा अविवाहित है। रहमत ने बताया कि गुरुवार शाम को नगला ब्राह्मण के लव पंडित की सलाह पर उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया। लव का कहना है कि इस परिवार की अरसे से हिंदू धर्म में आस्था थी। युवा पंडित ने हवन-पूजन कराया। सभी ने तिलक लगवाया। कलावा बांधा और देवी दुर्गा की चुनरी ओढ़ भजन गाए। शुक्रवार को भी सुबह सबने पूजा की।
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बताया गया कि सभी ने नाम भी बदल लिए। रहमत ने गठेली, उनकी पत्नी सायरा ने विद्या देवी, बड़े बेटे आरिफ ने रवि, उसकी पत्नी नफीसा ने मंजू, मंझले मुन्ना ने सुघड़, पत्नी शाजिया ने राजो, छोटे शौकत ने राजू, उसकी पत्नी सलमा ने कांता और सबसे छोटे बेटे लियाकत ने कलुआ नाम धारण किया। तीनों बेटों के बच्चों के नाम भी हिंदू धर्म के अनुसार रखे गए। लेकिन परिवार के बालिग सदस्यों के पास इसी नाम और धर्म के बीते मार्च से जुलाई के बीच बने मतदाता परिचय पत्र सामने आने से धर्मांतरण की गुत्थी उलझ गई है।
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गठेली बने रहमत ने बताया कि वह मथुरा के ओल कस्बे के मूल निवासी हैं। करीब 25 साल पहले सपरिवार डावली में आ बसे। उन्हें राशन कार्ड आदि अन्य सरकारी सुविधाएं अब तक नहीं मिली थीं। उन्हें उम्मीद है कि धर्मपरिवर्तन के बाद ये सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। इसका या कोई और लालच दिए जाने से उन्होंने इनकार किया। वहीं लव पंडित ने कहा कि भले अलीगढ़ में 25 दिसंबर को होने वाला बृहद धर्मवापसी कार्यक्रम बड़े नेताओं को टालना पड़ा लेकिन उसी से प्रेरित होकर उन्होंने यह काम इसी दिन कराने का फैसला किया। यह परिवार संपर्क में था ही। इसके सदस्य हिंदू नाम और एक तरीके से धर्म भी अपना ही चुके थे तो उन्होंने इसी दिन उनका ‘शुद्धिकरण’ कराया और इसको सार्वजनिक कर दिया।

दलित परिवार को धर्मांतरण की धमकियां

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मुरादाबाद में हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र के मिलक सिरसी गांव के एक दलित परिवार ने दूसरे समुदाय के कुछ लोगों पर जबरन धर्मांतरण कराने की कोशिशों के आरोप लगाए हैं। दलित परिवार ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण से इंकार करने पर उनकी जमीन पर दूसरे वर्ग के लोगों ने कब्जा कर लिया है और धर्म नहीं बदलने पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इस परिवार ने धमकी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा। डीआईजी ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र में मिलक सिरसी निवासी महेश भारती पुत्र जगन्नाथ ने डीआईजी से शिकायत की है कि सिरसी कस्बे के दूसरे संप्रदाय के कुछ लोग उस पर परिवार समेत धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे हैं। उसने अपनी शिकायत में सात लोगों को नामजद किया है। उसका कहना है कि उसके बड़े भाई के बेटे ने कुछ वक्त पहले संभल की दूसरे संप्रदाय की युवती से शादी कर ली थी। उन्हें भी खामियाजा भुगतना पड़ा और दबाव डालकर उनका धर्म बदलवा दिया गया। जिंदगी बचाने के लिए भाई रमेश अब कासिम बन गया है और भतीजे लायंस को जावेद बना दिया गया है।

महेश भारती ने आरोप लगाया है कि अब उसे और उसकी पत्नी व सात बच्चों को धर्म बदलकर मुसलमान बनने के लिए धमकाया जा रहा है। आए दिन उसके घर लोग आ धमकते हैं और उसकी साढ़े सात बीघा जमीन पर भी दूसरे वर्ग के लोगों ने कब्जा जमा लिया है। महेश का आरोप है कि थाने से लेकर अफसरों तक चक्कर लगाए लेकिन सत्ताधारी दल के एक नेता के दबाव में कोई उसकी सुनने को तैयार नहीं है। एसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि हम मामले की जांच करा रहे हैं प्रथम दृष्टया पता लगा है कि मामला जमीन के विवाद का है।

पत्नी का धर्म बदलवाने की कोशिश में पति गिरफ्तार

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पूरे देश में मचे धर्मांतरण के शोर के बीच धर्म बदले जाने का अपने तरीके का ये अनूठा मामला सामने आया है। शुक्रवार को डीआईजी दफ्तर पहुंची महिला के आरोप सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई। महिला के हाथ में तहरीर थी जिसमें लिखा था, उसका पति जबरन मारपीट कर उस पर धर्म बदलने को दबाव डाल रहा है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति हिंदू से ईसाई बन चुका है और उसके तीन बच्चों को भी उसने ईसाई बना दिया है। महिला शिकायत पर तुरंत हरकत में आई पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आनन फानन उसके पति को गिरफ्तार कर लिया।

ये अजीबो गरीब मामला मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के गांव गुमसानी का है। दलवीर सिंह की पत्नी मीना रानी ने शुक्रवार सुबह डीआईजी आफिस पहुंचकर गुहार लगाई कि उसका पति दलवीर सिंह उसे और उसके बच्चों श्वेता (16), अंशुल (11) व गुनगुन (6) को मारपीट करके तबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहता है। बच्चों का धर्म जबरन बदलवा चुका है जबकि उसके बच्चे और वो हिंदू  ही रहना चाहते हैं। महिला ने कहा कि पति खुद ईसाई बन चुका है और अब उसे व बच्चों को इसके लिए यातनाएं दे रहा है। महिला ने कहा कि उसकी सास मायादेवी और सुसर भोजपाल सिंह ने दो साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण कर लिया था।

अलीगढ़ में धर्मांतरण का विरोध

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अलीगढ़ में फोरम फॉर मुस्लिम स्टडीज एंड एनालिसिस (एफएमएसए) ने बरेली की आल इंडिया फैजाने मदीना काउंसिल द्वारा 50 गैर मुस्लिमों को 10 जनवरी 2015 को इस्लाम में धर्मांतरण का कड़ा विरोध किया है। अध्यक्ष प्रो. रजाउल्लाह खान ने कहा कि भारतीय समाज में सभी धर्मों का समान आदर है। इसलिए फैजाने मदीना काउंसिल की 50 गैर मुस्लिमों को इस्लाम में धर्मांतरण की घोषणा निंदनीय है। धर्म का राजनीतिकरण एवं दुरुपयोग किसी भी अवस्था में देश अथवा समाज हित में नहीं है।

जसीम मोहम्मद ने कहा कि कुछ हिंदू तथा मुस्लिम सांप्रदायिक संस्थाएं देश को लगातार सांप्रदायिक तनाव की ओर ढकेल रही हैं, ताकि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबका साथ सबका विकास एजेंडा असफल हो जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि धर्मांतरण द्वारा सांप्रदायिकता फैलाने वाले तथा देश में सांप्रदायिक सौहार्द पर कुठाराघात करने वाले तत्वों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, ताकि समाज में शांति बनी रहे। फरहत अली खान ने कहा भारत विश्व में एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है, इसलिए कुछ विदेशी शक्तियां देश की अनजान संस्थाओं को वातावरण दूषित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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