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फंसी स्मृति, शपथपत्र में खुद को बताया था BA पास

Thu, 29 May 2014 03:01 PM IST
Updated Thu, 29 May 2014 03:01 PM IST
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Controversy over smriti irani's election affidavit

मोदी सरकार में मानव संसाधन मंत्री बनीं स्मृति ईरानी अब एक नए विवाद में घिर गई हैं। चुनाव आयोग के समक्ष पेश किए गए उनके दो शपथ पत्रों में उनकी शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग बताई गई है।

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इसके चलते कांग्रेस की ओर से एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के फैसले पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। हालांकि स्मृति ईरानी ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

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गलत शपथ पत्र क‌िया था दाख‌िल

Controversy over smriti irani's election affidavit

कांग्रेस और नरेंद्र मोदी की करीबी मधु किश्वर ने एक दिन पहले ही 12वीं पास स्मृति को मानव संसाधन मंत्री पर बनाने के फैसले की आलोचना की थी। किश्वर ने बुधवार को फिर से ट्वीट कर स्मृति पर हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।

दो बार लोकसभा चुनाव लड़ते वक्त दिए गए हलफनामे में उन्होंने शैक्षणिक योग्यता को लेकर अलग-अलग जानकारी दी है।

2004 में चांदनी चौक लोकसभा से चुनाव लड़ते समय उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में जानकारी दी थी कि 1996 में दिल्ली विश्वविद्यालय (स्कूल आफ कारस्पांडेंट) से बीए की डिग्री हासिल की।

कांग्रेस ने साधा न‌िशाना

Controversy over smriti irani's election affidavit

अब वर्ष 2014 अमेठी से चुनाव लड़ते समय दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार उन्होंने वर्ष 1994 में बी. काम (पार्ट-1) किया। चुनाव आयोग को अलग हलफनामों में शैक्षिक योग्यता में अंतर पर भी कांग्रेस व विरोधी खेमा आवाज उठा रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के अनुसार स्मृति की शैक्षणिक योग्यता हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग को हलफनामे में गलत जानकारी देना गंभीर विषय है।

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एक बाद एक उठे व‌िवाद

Controversy over smriti irani's election affidavit

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि देश में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, फखरुद्दीन अली, नरसिम्हा राव तथा मुरली मनोहर जोशी जैसे शिक्षाविद मानव संसाधन मंत्रालय संभाल चुके हैं।

ऐसे में भाजपा से भी उम्मीद थी कि वह देश की शिक्षा की बागडोर किसी अनुभवी हाथों को सौंपेंगी।

जबकि पूर्व मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने कहा है कि स्मृति खुशकिस्मत हैं कि एचआरडी मंत्रालय में समर्पित और मेहनती अधिकारी हैं, जो उनके लिए मूल्यवान साबित होंगे।

'पहले सोनिया की योग्यता बताए कांग्रेस'

Controversy over smriti irani's election affidavit

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने स्मृति ईरानी का बचाव करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की शैक्षिक योग्यता पर सवाल किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस से पूछना चाहती हूं कि सोनिया गांधी की शैक्षिक योग्यता क्या है।

आखिर वह किस योग्यता के आधार पर यूपीए की अध्यक्ष बनीं और तत्कालीन पीएम को निर्देश देती रहीं। पूरी यूपीए सरकार उनके आगे हाथ जोड़कर खड़ी रहती, तो जरा बताएंगे कि उनकी शैक्षिक योग्यता क्या है।’

शरद और उमर ने भी किया बचाव

Controversy over smriti irani's election affidavit

जदयू प्रमुख शरद यादव और जम्मू व कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी स्मृति ईरानी का पक्ष लेते हुए पूरे विवाद को गलत बताया है। शरद यादव ने कहा कि योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि कामकाज के आधार पर मंत्री का मूल्यांकन होना चाहिए।

जबकि उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्री बनने के लिए पायलट होना जरूरी नहीं है और कोयला मंत्री होने के लिए खान मजदूर होना आवश्यक नहीं है।

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