फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   controversy over cash between namdhari and ponty

नामधारी-पोंटी के बीच हार्ड कैश को लेकर भी था विवाद

Wed, 28 Nov 2012 11:56 AM IST
अजित सिंह राठी/देहरादून
अजित सिंह राठी/देहरादून Updated Wed, 28 Nov 2012 11:56 AM IST
विज्ञापन
controversy over cash between namdhari and ponty

पोंटी चड्ढा और उसके बिजनेस कमांडर सुखदेव सिंह नामधारी के बीच मतभेद की एक बड़ी वजह हार्ड कैश की वापसी नहीं होना भी बना था। पोंटी के ठिकानों पर आयकर छापों के दौरान मोटी रकम छुपाने में पोंटी ने नामधारी का भी यूज किया था। उधर, इस मामले में देहरादून स्थित ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने दिल्ली मुख्यालय से जांच की अनुमति मांगी है।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार तीन महीने पहले जब पोंटी के नोएडा समेत कई शहरों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापे पड़े थे तो पोंटी ने अपने भरोसेमंद साथियों का इस्तेमाल नकद धनराशि संभालने में किया। इस दौरान एक बड़ी धनराशि नामधारी की निगरानी में रखी गई। तय हुआ कि माहौल ठीक होने पर यह राशि वापस होगी। सूत्रों का कहना है कि बाद में नामधारी पैसे वापस देने में आनाकानी करने लगा।
विज्ञापन


इधर, सूत्रों का दावा है कि पोंटी ने दक्षिण अफ्रीका में कई सौ एकड़ जमीन नामधारी के नाम पर ही खरीदी। इस मामले को लेकर दोनों के बीच मतभेद और गहरा गए। इसी तरह नोएडा में भी सौ एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी जानी थी। नामधारी इसमें भी लाभ चाहता था। मगर पिछली कुछ घटनाओं के चलते पोंटी इसके लिए तैयार नहीं था। कसरत तो रुद्रपुर मंडी समिति की बेशकीमती 50 एकड़ जमीन को लेकर भी हो रही थी। कुछ असरदार लोग लॉबिंग कर रहे थे कि यहां टर्मिनल बनाने के बजाय जमीन को पोंटी को मेगा शॉपिंग मॉल, होटल और बार के लिए दे दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिडकुल में बेनामी फैक्टरियां
चर्चा है कि सितारगंज सिडकुल में पोंटी की सात फैक्ट्रियां हैं। इनमें से कुछ नामधारी के रिश्तेदारों के नाम पर हैं। सितारगंज उप चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इनमें लजीज लंच का लुत्फ भी उठाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed