मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ललित मोदी को जारी समन पर विवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को जारी समन को लेकर विवाद हो गया है। ईडी के अनुसार मोदी के वकील महमूद एम अब्दी ने यह कहते हुए समन लौटा दिया कि वे इसे लेने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
वहीं अब्दी का कहना है कि उन्हें इस तरह का कोई समन मिला ही नहीं है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पिछले शुक्रवार को ललित मोदी को उनके वकील के माध्यम से समन जारी करते हुए तीन सप्ताह में उपस्थित होने के लिए कहा था। मंगलवार को ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि मोदी के वकील ने समन लौटा दिया है।
अधिवक्ता के अनुसार उन्हें समन स्वीकार करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच एजेंसी अब मोदी के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट के लिए अदालत जा सकती है।
वकील महमूद अब्दी बोले, इस तरह का कोई समन नहीं मिला
वहीं मोदी का प्रतिनिधित्व करने वाले उनके वकील अब्दी ने एक बयान जारी कर ईडी के दावे पर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में प्रमुखता से खबर आई है कि ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ललित मोदी को मेरे माध्यम से समन जारी किया था।
यह पूरी तरह आधारहीन और भ्रामक है। मुझे ऐसा कोई समन नहीं मिला है। ईडी के पास मोदी के ब्रिटेन का पता है। जांच एजेंसी को उन्हें (ललित मोदी) कानूनी प्रक्रिया के तहत समन भेजना चाहिए।
यह केस 2008 में आईपीएल के टेलीविजन अधिकार को लेकर वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप और मल्टी स्क्रीन मीडिया के बीच हुई 425 करोड़ रुपये की डील से जुड़ा है। आरोप लगे थे कि इन रुपयों का भुगतान अवैध तरीके से किया गया है। इस पर ईडी ने फेमा के तहत 2009 में जांच शुरू की थी।