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चुनाव आते ही होने लगी भाजपा में आपसी खींचतान
ब्यूरो/अमर उजाला, जयुपर
Updated Wed, 12 Nov 2014 08:06 PM IST
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वरिष्ठ नेता व विधायक घनश्याम तिवाड़ी के बीच दूरियां और बढ़ती नजर आ रही हैं। राजस्थान में निकाय चुनावों के लिए घनश्याम तिवाड़ी अपने किसी भी समर्थक को टिकट नहीं दिलवा पाए।
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संगठन ने भी उनके विधानसभा में टिकट के दावेदारों पर कोई राय तक नहीं ली। सूत्रों के अनुसार तिवाड़ी ने इस संबंध में नाराजगी जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को शिकायत की है।
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सूत्रों के अनुसार निकाय चुनाव के तहत सभी भाजपा विधायकों की टिकट के दावेदार प्रत्याशियों पर चर्चा में और अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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लेकिन तिवाड़ी के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर (जयपुर) के वार्डों में टिकट वितरण में उनकी राय तक नहीं ली गई। वे अपने एक भी समर्थक को टिकट नहीं दिलवा पाए। सूत्रों के अनुसार तिवाड़ी के क्षेत्र में टिकट वितरण में भाजपा कार्यकर्ताओं तक की राय नहीं ली गई।
राजे के पहले कार्यकाल (वर्ष 2003-2008) के दौरान ही राजे और तिवाड़ी के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। विभागों के बंटवारे सहित कई तरह के मनमुटाव रहे थे। इसके बाद भाजपा विपक्ष में रही, लेकिन दोनों नेताओं के बीच संबंधों में कोई सुधार नहीं हुआ।
अब वापस भाजपा की सरकार बनने के बाद राजे ने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद तिवाड़ी को अपनी टीम में शामिल नहीं किया। इससे भी तिवाड़ी काफी नराज चल रहे हैं।