{"_id":"48618d8a-9c0e-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"contract-for-murder-of-bsp-leader-was-given-by-swamy-nand","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा नेता की हत्या के लिए डेढ़ माह पहले दी गई सुपारी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
बसपा नेता की हत्या के लिए डेढ़ माह पहले दी गई सुपारी
पुरुषोत्तम वर्मा/नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Apr 2013 05:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी के नेता दीपक भारद्वाज की हत्या की साजिश करीब डेढ़ माह पहले रची गई थी।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार आरोपी पुरुषोत्तम राणा ने पूछताछ में कहा है कि स्वामी नंद ने उसे करीब डेढ़ माह पहले हत्या की सुपारी दी थी।
हालांकि पुलिस का कहना है कि ये स्वामी नंद की गिरफ़्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि पुरुषोत्तम सच बोल रहा है या नहीं और हत्या की वास्तविक साज़िश किसने रची थी।
इसके अलावा पुलिस ने दीपक के दोनों बेटों से सोमवार शाम को फिर पूछताछ की। हालांकि, उनका गिरफ्तार लोगों से आमना-सामना नहीं कराया गया।
अरबपति बसपा नेता की की गत 26 मार्च को उनके फ़ार्म हाउस में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्यारों और उनकी कार की तस्वीरें सीसीटीवी पर रिकॉर्ड हो गईं थीं जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
पुलिस को शक है कि इस हत्या में किसी क़रीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।
पूछताछ
दक्षिणी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुरुषोत्तम ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने क़रीब एक माह पहले अकेले ही फ़ार्म हाउस में जाकर रेकी की थी और दीपक भारद्वाज के आवास का भा जायजा लिया था।
विज्ञापन
कहा जा रहा था कि स्वामी ने पुरुषोत्तम को हत्या के लिए एक करोड़ रुपए की सुपारी दी थी।
लेकिन पुलिस का कहना है कि पुरुषोत्तम ने उन्हें बताया है कि स्वामी ने उसे दो लाख रुपये एडवांस दे दिए थे और 28 लाख हत्या के बाद देने को कहा था।
हत्या के हथियार के बारे में पुरुषोत्तम ने बताया कि उसे दो कट्टे उसकी मौसी के लड़के प्रदीप ने दिए थे। उसने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद उन्होंने हथियार झज्जर के पास नदी में फेंक दिए थे।
विज्ञापन
कहाँ है स्वामी?
अधिकारियों का कहना है कि पुरुषोत्तम पांच-छह साल से स्वामी के संपर्क में था और उसकी इंडिका चलाता था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्वामी का कोई आश्रम नहीं है।
वो कभी हरिद्वार के कलखल आश्रम, कभी मथुरा के बांके बिहारी मंदिर और कभी दिल्ली के बिड़ला मंदिर में रहता रहा है।
पता चला है कि बांके बिहारी मंदिर से स्वामी नंद को डेढ़ माह पहले निकाल दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार स्वामी नंद हत्या से दो दिन पहले 24 मार्च को मोबाइल बंद कर गायब हो गया था।