फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   conspiracy behind muri express train accident

ट्रेन हादसे के बाद ट्रैक पर मिला साजिश का चौंकाने वाला सबूत

Wed, 27 May 2015 01:49 AM IST
Updated Wed, 27 May 2015 01:49 AM IST
विज्ञापन
conspiracy behind muri express train accident

मुरी एक्सप्रेस हादसे की जांच में जुटे रेलवे अफसरों को दुर्घटना स्थल पर अप लाइन की दोनों पटरियां टूटी हुईं मिली हैं। एक सीध में दोनों पटरियों के टूटने के निशान ऐसे हैं, जैसे इन्हें धारदार औजार से पूरी सफाई के साथ काटा गया हो। इसे देख रेलवे के अफसर और इंजीनियर हैरत में हैं।

विज्ञापन


दावा किया जा रहा है कि ट्रैक फ्रैक्चर के हजारों मामले अब तक हुए, लेकिन ऐसी सफाई के साथ ट्रैक की टूट पहली बार देखी जा रही है। अफसरों में चर्चा है कि ट्रेनों को पटरी से पलटाने के लिए ऐसे वारदात नक्सली क्षेत्रों में होते हैं।
विज्ञापन


इसकी वजह यह है कि फ्रैक्चर के दौरान पटरियों से लोहे के रेशे निकलते हैं या पटरियों की टूट तिरछी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने दोनों पटरियों पर एक सीध में रखकर पैनी आरी चलाई हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुरी एक्सप्रेस के हादसे के बाद अब तक दुर्घटना के कारणों को लेकर कोई साफ वजह निकलकर सामने नहीं आई है, लेकिन देर रात तक चली जांच के दौरान रेलवे अफसरों और कर्मचारियों की निगाह टूटे हुए ट्रैक पर पड़ी तो उसकी हालत देख सभी दंग रह गए।

पटरियों की कटिंग देखकर अफसर भी हैरान॔

conspiracy behind muri express train accident

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक संभवत: यही वह जगह है, जहां मालगाड़ी के गार्ड और ड्राइवर को झटका महसूस हुआ। मुरी एक्सप्रेस का हादसा भी इसी जगह हुआ। टूटे ट्रैक पर तेज झटका खाने के बाद ट्रेन के नौ कोच पटरी से उतर गए।

बताते हैं कि जिस ट्रैक पर मुरी एक्सप्रेस थी उसकी दोनों पटरियां एक सीध में टूटी हुई मिलीं। ऐसा लगता है जैसे किसी ने सूत लगाकर निशान लगाया। पटरियों को काटने में दो या दस मिनट का वक्त नहीं लगा होगा। रेलवे कर्मचारियों को भी ऐसी कटिंग में घंटेभर का समय लगता है।

फिलहाल, रेलवे अफसरों ने इस स्थान को मंगलवार को सीआरएस को भी दिखाया, लेकिन बड़ी जांच होने के कारण कोई भी अफसर जुबान खोलने को तैयार नहीं है, लेकिन यह जरूर बताते हैं कि पटरियों की ऐसी टूट असामान्य है। सेवानिवृत्त के मुहाने पर खड़े एक इंजीनियर ने पहली बार पटरियों में ऐसी टूट देखने का दावा किया है।

रेल अफसरों ने नजरअंदाज की आईबी की सलाह

conspiracy behind muri express train accident

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आईबी को पिछले कुछ दिनों से इस पूरे इलाके में ट्रैक के किनारे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। आईबी के एक अफसर ने ट्रैक पर जैक और निकली हुई पेनड्रॉल क्लिप मिलने के पहले ही रेलवे के एक बड़े अफसर को स्थितियों की जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन रेल अफसर ने आईबी अफसर को यह कहते हुए भाव नहीं दिया कि रेलवे का सिस्टम फुलप्रूफ है।

पहले से ही ट्रैक की जांच में चुस्ती लाई गई है। आईबी अफसर रेल अफसरों को यह इनपुट देने के लिए गए थे कि पूरे कौशांबी जनपद में पड़ने वाले ट्रैक की सुरक्षा बढ़ाई जाए। साथ ही सतर्कता बरतने के साथ कर्मचारियों को भी अलर्ट किया जाए।

रात में सुरक्षा कर्मियों की पेट्रोलिंग होनी जरूरी है। आईबी के सुझाव को नजरअंदाज करना रेलवे के लिए भारी साबित हो रहा है। यात्रियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed