राहुल बोले, नहीं करेंगे तीसरे मोर्चे का समर्थन
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ किया है कि कांग्रेस सरकार बनाने के लिए तीसरे मोर्चे का समर्थन नहीं करेगी।
अमेठी में चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों ने पूछा कि क्या चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए कांग्रेस तीसरे मोर्चे का समर्थन कर सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बहुमत के लायक सीटें हासिल हो जाएंगी।
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या सरकार बनाने के लिए चुनाव के बाद पार्टी गठबंधन सहयोगियों की तलाश करेगी। इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अकेले ही बहुमत हासिल कर लेगी। सहयोगी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राहुल के बयान ने सभी को चौंकाया
तीसरे मोर्चे को समर्थन न करने का राहुल का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि माकपा के महासचिव प्रकाश करात ने बृहस्पतिवार को एक इंटरव्यू में कहा था चुनाव के बाद देश में 1996 जैसी राजनीतिक स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को केंद्र में एक सेक्यूलर सरकार को समर्थन देने को मजबूर होना पड़ सकता है ताकि भाजपा को सत्ता से दूर रखा जा सके।
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के नेता यह दावा करते रहे हैं कि तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने के लिए उन्हें कांग्रेस का समर्थन मिल सकता है।
चुनाव बाद राहुल करेंगे कांग्रेस में बडे़ फेरबदल
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले राहुल ने अपने करीबी नेताओं से कहा था कि अगर पार्टी का जनाधार घटता है तो वह इसे दोबारा पाने के लिए संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।
राहुल के करीबी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के इन संकेतों से साफ है कि वह चुनाव बाद पार्टी में बडे़ फेरबदल के पक्ष में हैं।
इस फेरबदल में कांग्रेस के कई बुजुर्ग नेताओं को संगठन की बड़ी जिम्मेदारियों से हटाया जा सकता है।