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मोदी के खिलाफ कांग्रेस और आप की जुगलबंदी!
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jan 2014 08:23 AM IST
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देशभर में भ्रष्टाचार और महंगाई की बदनामी झेल रही कांग्रेस के खिलाफ सबसे बड़ा खतरा बन रहे नरेंद्र मोदी को रोकने के चक्कर में पार्टी अब उनके खिलाफ प्रॉक्सी जंग छेड़ने के लिए भी तैयार लग रही है।
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यानी कि आम आदमी पार्टी के कंधों पर बंदूक रखकर कांग्रेस अब मोदी से निपटने की तैयारी में लग रही है।
कांग्रेस के शीर्ष मैनेजरों की बातों को तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को समर्थन देने के पीछे सबसे बड़ा कारण मोदी की राह को कठिन करना ही माना जा रहा है।
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पार्टी के शीर्ष मैनेजरों का अनुमान है कि अरविंद केजरीवाल की आप में ही इस समय मोदी के पक्ष में होने वाले वोटों के ध्रुवीकरण को रोकने की ताकत है।
पार्टी के गेम प्लान को समझने की कोशिश करें तो मैनेजर संकेत देते है कि आप भाजपा को लगभग 40 से 50 लोकसभा सीटों पर नुकसान पहुंचा सकती है। इससे मोदी का रास्ता दिक्कतों भरा हो सकता है।
राहुल गांधी कई बार खुलेआम कह चुके है कि वह ऐसा गठबंधन नहीं चाहते, जिससे कांग्रेस का नुकसान हो। मगर दिल्ली में जानबूझ कर नुकसान आखिर क्यों उठाया गया।
इस सवाल के जवाब में कांग्रेस के एक शीर्ष महासचिव का कहना है कि अगर दिल्ली में आप को पार्टी समर्थन नहीं देती तो 28 सीटें पाने के बावजूद केजरीवाल का जादू जीरो हो सकता था। दोबारा इतनी सीट मिलती या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं। मगर कांग्रेस ने इसे बरकरार रखा। अब यह जादू दिल्ली नहीं देशभर में चलेगा।
पार्टी के शीर्ष मैनेजरों की बैठक में यह बात अच्छी तरह से समझी जा रही है कि केजरीवाल कांग्रेस का ज्यादा नुकसान करेंगे, लेकिन नरेंद्र मोदी को लेकर देशभर में बन रहे माहौल को भंग करने में काफी हद तक वह कांग्रेस की मदद भी करेंगे। लिहाजा, जूनियर टीम ही सही केजरीवाल को समर्थन देना ठीक कदम है।
पार्टी के महासचिव ने यहां तक कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत मोदी को प्रधानमंत्री बनने देना नहीं चाहती। मोदी को पीएम का उम्मीदवार घोषित करने के पीछे भाजपा का सबसे बड़ा गेम प्लान हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण ही है। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत हिंदी भाषी राज्यों में इस तरह के समीकरण बैठने की बात है।
कांग्रेस का मानना है कि महंगाई और भ्रष्टाचार समेत तमाम बदनामी की वजह से अभी पार्टी मोदी का दमदार तरीके से सामना करने की हैसियत में नहीं, इसलिए पीछे से ही मगर तीर सही निशाने पर लगाने की कोशिश है।
खबरों की सुर्खियों में मोदी के मुकाबले केजरीवाल के अभी हावी रहने का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता यह भी कह रहे हैं कि भाजपा के पीएम उम्मीदवार की बेचैनी में अभी से कई गुना इजाफा हो गया है।