लोकसभा में पुराना तेवर बरकरार रखेगी कांग्रेस
भले ही राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन कुछ बिलों को पारित कराने पर सहमति बनी हो, मगर कांग्रेस लोकसभा में अपना पुराना तेवर बरकरार रखेगी।
रविवार को भाजपा सांसद कीर्ति आजाद का डीडीसीए में घोटालों के जरिए वित्त मंत्री अरुण जेटली पर लगाए गए आरोप ने पार्टी को बड़ा सियासी मौका दिया है। सोमवार को कांग्रेस, टीएमसी और आम आदमी पार्टी कीर्ति के आरोपों पर सदन में सरकार को घेरेगी। कांग्रेस ने अब तक खुद को इस मुद्दे से लोकसभा में अलग रखा था।
दिल्ली सचिवालय में सीबीआई की छापेमारी के बाद आप और टीएमसी ही वित्त मंत्री जेटली पर निशाना साध रहे थे। गौरतलब है कि कीर्ति ने रविवार को डीडीसीए की ओर से दिए गए ठेके में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए वित्त मंत्री पर निशाना साधा है।
कीर्ति का मुद्दा उछलेगा
कांग्रेस शीत सत्र के अंतिम तीन दिनों में भी सरकार पर निशाना साधना जारी
रखेगी। नेशनल हेराल्ड मामले में अपने वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अदालत की ओर
से पेशी के लिए जारी समन के बाद पार्टी लगातार विभिन्न मुद्दों पर लोकसभा
में हंगामा करती रही है।
इस क्रम में पार्टी ने भ्रष्टाचार पर सरकार के
कथित दोहरे मापदंड, अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के विवादास्पद निर्देश सहित
कुछ मुद्दों पर सदन की कार्यवाही बाधित कर चुकी है। हालांकि इस बीच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी से मुलाकात
और इसके बाद हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उच्च सदन में अंतिम तीन दिनों
में कुछ बिलों को पारित करने पर सहमति दी थी।
अब कीर्ति आजाद के जेटली पर
लगाए गए ताजे आरोपों के बाद टीएमसी ने सोमवार के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव
का नोटिस भी दिया है। आप भी सोमवार को ही इस संबंध में कार्यस्थगन प्रस्ताव
का नोटिस देगी। कांग्रेस इस संबंध में सोमवार को अपनी भूमिका तय करेगी।