उत्तराखंड जीत के बाद ये है कांग्रेस का प्लान
उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के हौंसले बुलंद हैं। पार्टी के नेता खुश हैं और कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ा है। अब कांग्रेस के बड़े नेता कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं कि मोदी लहर से घबराने की जरूरत नहीं।
संदेश ये कि नरेंद्र मोदी की लहर से घबराने की बजाय कांग्रेस को उबारने के लिए जमीन पर डटकर काम करने की जरूरत है।
कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी नेताओं को संदेश दिया है कि भले ही ये उप चुनाव भर हों, लेकिन बेहतर नतीजों से साबित हो गया है कि लोकसभा चुनाव में जो भी परिणाम हो मगर विधानसभा में स्थितियां भिन्न हैं।
सोनिया ने की नेताओं से मुलाकात
लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार जीत की खबर आने से कांग्रेस में खुशी का माहौल है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और सांसदों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद लोग आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को मान कर चल रहे हैं। लेकिन ये उप चुनाव दिखाते हैं कि ऐसा सोचना गलत है। जमीन पर काम करने से पार्टी की स्थिति बेहतर हो सकती है।
पार्टी हाईकमान का मानना है कि विधानसभा में लोकसभा चुनाव से हटकर अलग स्थितियां है। स्थानीय जातीय और सामाजिक समीकरण भी महत्व रखते हैं। जिनमें संतुलन बनाने से फायदा हो सकता है। साथ ही महंगाई के मुद्दे पर लोगों की आवाज उठाकर उनका विश्वास जीतने की कोशिश करना जरूरी है।
परेशान कांग्रेस का मनोबल बढ़ा
सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी इस संबंध में बधाई दी है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला कहते हैं कि उत्तराखंड में तीनों सीटों पर जीत के बाद तय हो गया है कि मोदी का जादू खत्म हो रहा है।
कांग्रेस को कुछ महीनों में महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर में चुनावों का सामना करना पड़ेगा। इन सभी राज्यों में पार्टी को बेहद मुश्किलों से दो चार होना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार जनता के गुस्से के साथ ही पार्टी में बागियों से परेशान है।
सहयोगी दल एनसीपी गठबंधन तोड़ने की धमकी दे रहा है। झारखंड में भी जनता के गुस्से का डर है। हरियाणा में भी सत्ता विरोधी लहरों और पार्टी नेताओं की गुटबाजी सबसे बड़ा खतरा है।
जम्मू कश्मीर में कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन तोड़ दिया है। कुल मिलाकर चुनौतियां बेहद कड़ी है। फिर भी पार्टी हाईकमान जमीन को मजबूत करने की हिदायत नेताओं को दे रहा है, ताकि परिणाम को सुधारा जाए।